रसड़ा चीनी मिल के लिए 5 अक्टूबर को किसान पंचायत, गांव-गांव जुटाए जा रहे किसान

बलिया। रसड़ा चीनी मिल को दोबारा चालू कराने की मांग को लेकर 10 मार्च 2025 से चलाया जा रहा जागरण अभियान अब निर्णायक पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। अभियान के तहत आगामी 5 अक्टूबर को बलिया कलेक्ट्रेट परिसर में किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। पंचायत में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अभियान से जुड़े पदाधिकारी और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क कर रहे हैं।
इसी क्रम में चिलकहर ब्लॉक की पियरही ग्राम पंचायत में किसानों की बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने कहा कि रसड़ा चीनी मिल किसानों का हक है और उसे मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि मिल को चालू कराने के लिए वह हरसंभव प्रयास करने को तैयार हैं।

पूर्व विधायक ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल के मिश्रण को बढ़ावा मिलने से चीनी मिलों के लिए एथेनॉल उत्पादन का नया बाजार तैयार हुआ है। ऐसे में उनका मानना है कि चीनी मिल को चलाने पर घाटे की स्थिति नहीं रहेगी और मिल लाभ की स्थिति में आ सकती है।
बैठक में जब 5 अक्टूबर को बलिया पहुंचने वाले किसानों की संख्या को लेकर चर्चा हुई तो ग्रामीणों ने करीब 100 किसानों के पहुंचने की बात कही। पूर्व विधायक ने सभी किसानों से किसान पंचायत में शामिल होने की अपील की।
अभियान के जिला संयोजक गीता शरण सिंह ने कहा कि समस्या किसानों की है तो उसके समाधान के लिए उनकी भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को लेकर पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक से उनका 33 वर्षों का राजनीतिक संबंध है और वह जानते हैं कि जिन जनहित के मुद्दों को राम इकबाल सिंह उठाते हैं, उन्हें मुकाम तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करते हैं। किसानों से अभियान में प्रभावी सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से रसड़ा चीनी मिल को फिर से चलाने की दिशा में दबाव बनाया जा सकता है।
बैठक का संचालन मुन्ना पांडेय ने किया। इस दौरान ग्राम प्रधान राकेश, पूर्व प्रधान भूपेंद्र सिंह, लल्लन सिंह, यशवंत सिंह, सचिन प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
शैलेन्द्र कुमार सिंह
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