बलिया की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भाजपा पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह का अल्टीमेटम

बलिया। जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों की समस्याओं से संबंधित पत्रक सौंपा और सुधार की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय तक सुधार नहीं हुआ तो धरना और आंदोलन किया जाएगा।
रसड़ा सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग
राम इकबाल सिंह ने विशेष रूप से रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में नियमित एमडी/मेडिसिन डॉक्टर और महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि रसड़ा बड़ी आबादी वाला क्षेत्र है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है।
खेजुरी सीएचसी की व्यवस्था पर सवाल
उन्होंने खेजुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। पूर्व विधायक का आरोप है कि कागजों पर चार चिकित्सकों की तैनाती है, लेकिन अस्पताल में नियमित रूप से पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध नहीं रहते।

उन्होंने सवाल किया कि यदि डॉक्टर नियमित रूप से अस्पताल में उपस्थित नहीं हैं तो उनकी जवाबदेही और वेतन व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है।
जिला अस्पताल में रेफर किए जाने का आरोप
पूर्व विधायक ने बलिया जिला चिकित्सालय की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था ऐसी हो गई है कि मरीजों को इलाज देने के बजाय दूसरे स्थानों पर रेफर किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कथित दलाली और मरीजों से वसूली के आरोपों की जांच की भी मांग की।
मूलभूत सुविधाओं पर उठाए सवाल
राम इकबाल सिंह ने कहा कि “बागी बलिया” के नाम पर वर्षों से बड़ी-बड़ी बातें होती रही हैं, लेकिन जिले की मूलभूत सुविधाएं आज भी सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने बाढ़ और अन्य समस्याओं को लेकर भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में जनता के बीच जाने से पहले यह सवाल उठता है कि जब स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा ही बेहतर नहीं है तो जनप्रतिनिधि जनता के बीच किन मुद्दों को लेकर जाएंगे।
2 अक्टूबर तक सुधार नहीं तो आंदोलन
पूर्व विधायक ने बताया कि उनकी मांग के बाद रसड़ा में महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि अब 2 अक्टूबर तक रसड़ा में नियमित मेडिसिन/एमडी डॉक्टर की व्यवस्था नहीं हुई तो धरना और आंदोलन किया जाएगा। साथ ही, खेजुरी सीएचसी में तैनात चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं होने पर भी आंदोलन की चेतावनी दी।
राम इकबाल सिंह के इस रुख के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इन मांगों और आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।
लेखक के बारे में
शैलेन्द्र कुमार सिंह
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