कुंभ नगरी प्रयागराज से हरिद्वार को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: योगी कैबिनेट ने दी 147 KM विस्तार को मंजूरी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन और प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिपरिषद ने गंगा एक्सप्रेस-वे को उत्तराखंड के हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले के बाद अब पावन गंगा के तट पर स्थित दो प्रमुख कुंभ नगरियों—प्रयागराज और हरिद्वार—के बीच एक निर्बाध, द्रुतगामी और प्रवेश-नियंत्रित (Access-Controlled) एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तैयार हो जाएगा।
परियोजना से जुड़ी मुख्य बातें:
अनुमानित लंबाई व लागत: विस्तारित परियोजना की कुल लंबाई लगभग 147 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण में राज्य सरकार का संभावित व्यय भार 10,761 करोड़ रुपये आएगा। इस परियोजना का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी; इसमें केंद्र सरकार की कोई वित्तीय भागीदारी अपेक्षित या प्रस्तावित नहीं है।
डिजाइन और लेन क्षमता: यह एक्सप्रेस-वे 6-लेन का होगा, जिसे भविष्य में आवश्यकतानुसार 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। गाड़ियों की रफ्तार के लिए इसकी 'डिजाइन स्पीड' 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है। इसके लिए प्रस्तावित राइट ऑफ वे (ROW) 120 मीटर होगा।
विकल्प और सीधा जुड़ाव: वर्तमान में उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड सीमा पर स्थित बिजनौर के रास्ते हरिद्वार जाने के लिए मुख्य रूप से केवल एक ही मार्ग (NH-34: मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार) उपलब्ध है। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से बिजनौर सीधे हरिद्वार से जुड़ जाएगा, साथ ही इस क्षेत्र का सीधा व सुलभ संपर्क प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी हो जाएगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: प्रयागराज और हरिद्वार के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुलभता होगी और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य और एक्सप्रेस-वे संचालन के माध्यम से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
चहुंमुखी विकास: पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड सीमा से सटे इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे पूरे क्षेत्र का चौमुखी आर्थिक विकास संभव होगा।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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