हनुमान ने जलाई सोने की लंका, अंगद ने रावण के दरबार में जमाया पैर

सेक्टर-ए सीतापुर रोड योजना कालोनी रामलीला, चौथा दिन
लंका दहन से हनुमान ने मचाया हाहाकार, अंगद की चुनौती से कांपा रावण दरबार
लखनऊ। सेक्टर-ए सीतापुर रोड योजना कॉलोनी में चल रहे 34वें रामलीला समारोह के चौथे दिन सोमवार को हनुमान जी के लंका दहन और अंगद-रावण संवाद के सजीव मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। हनुमान जी की वीरता, माता सीता के प्रति उनकी भक्ति और अंगद के आत्मविश्वास से भरे संवादों ने उत्साह का माहौल बना दिया। मंचन का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा एवं अन्य अतिथियों ने मां दुर्गा जी की आरती कर किया।
अशोक वाटिका उजाड़ने और राक्षसों का संहार करने से क्रोधित रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इस पर हनुमान जी रावण को ललकारते हुए कहते हैं कि अब यही पूंछ उसके अभिमान को चूर कर देगी। इसके बाद हनुमान जी अपनी जलती पूंछ से सोने की लंका में आग लगा देते हैं। देखते ही देखते पूरी लंका धू-धू कर जल उठती है।

इसके बाद हनुमान जी माता सीता के पास पहुंचते हैं। जहाँ अपनी चूड़ामणि सौंपकर माता सीता यह कहते हुए हनुमान को विदा करती हैं कि इसे प्रभु श्रीराम के चरणों में रख देना। माता सीता से आज्ञा लेकर हनुमान जी समुद्र पार कर वानर सेना के पास लौट आते हैं।

कलाकारों ने बालि वध, माता सीता की खोज, लंका दहन, विभीषण शरणागति, राजकुमार वध और अंगद-रावण संवाद का प्रभावशाली मंचन किया। अंगद-रावण संवाद के दौरान अंगद का रावण के दरबार में पैर जमाकर चुनौती देना आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। अंगद के दृढ़ संकल्प, साहस और श्रीराम के प्रति अटूट निष्ठा को देखकर दर्शकों ने उनके चरित्र की सराहना की। लंका दहन और अंगद संवाद के दृश्यों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

समिति के अध्यक्ष सुरेश तिवारी और महामंत्री जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंगलवार को रावण वध, श्रीराम के राज्याभिषेक और पारितोषिक वितरण के साथ पांच दिवसीय रामलीला समारोह का समापन होगा।
20 अक्टूबर का कार्यक्रम - हनुमान जी की आरती, कुम्भकरण, मेघनाद, अहिरावण व रावण वध, श्रीराम राज्याभिषेक एंव आरती और पारितोषिक वितरण।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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