मुख्य सचिव ने मंडलायुक्तों व डीएम संग की समीक्षा बैठक, दिए कड़े निर्देश
उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की जिलाधिकारी प्रतिदिन समीक्षा करें
लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ सीजन में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण, वेटलैंड अधिसूचना, रामसर साइट्स तथा बाढ़ की स्थिति एवं राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
खरीफ सीजन में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी समितियों एवं वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शून्य एवं अल्प स्टॉक वाली समितियों की विशेष समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में एडीएम अथवा सीडीओ से अनिम्न स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें नजदीकी समिति से संबद्ध करने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
मुख्य सचिव ने सीडीओ को प्रतिदिन तथा जिलाधिकारी को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग अथवा अनधिकृत टैगिंग से संबंधित शिकायत किसी भी स्थिति में प्राप्त नहीं होनी चाहिए।
वेटलैंड को अधिसूचित किए जाने की अद्यतन स्थिति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि झांसी, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा और बलिया से अभी तक एक भी प्रस्ताव प्रेषित नहीं किया गया है। इस पर मुख्य सचिव ने संबंधित जनपदों को जिला स्तरीय वेटलैंड कमेटी की बैठक तत्काल आयोजित कर प्रस्ताव विभाग को इस माह के अंत तक प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही रामसर साइट्स के लिए पात्र स्थलों के प्रस्ताव भी शीघ्र विभाग को प्रेषित करने को कहा।
बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 26 जनपदों में कुल 101 वेटलैंड अधिसूचित किए जा चुके हैं, जबकि 45 जनपदों से 53 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में अब तक अधिसूचित 13 रामसर साइट्स में अपर गंगा रिवर (बुलंदशहर), सरसई नावर झील (इटावा), नवाबगंज पक्षी विहार (उन्नाव), साण्डी पक्षी विहार (हरदोई), समसपुर पक्षी विहार (रायबरेली), पार्वती अरगा पक्षी विहार (गोण्डा), समान पक्षी विहार (मैनपुरी), सूरसरोवर पक्षी विहार (आगरा), हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर), बखीरा पक्षी विहार (संतकबीरनगर), पटना पक्षी विहार (एटा), शेखा झील (अलीगढ़) एवं सुरहाताल (बलिया) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 8 रामसर स्थलों के प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किए जा चुके हैं।
मुख्य सचिव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से चिकित्सा सुविधाएं, खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू., प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोमी, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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