काशी पहुंचा ‘गंगा विलास’ क्रूज, विदेशी पर्यटक करेंगे बाबा विश्वनाथ के दर्शन; गंगा आरती से रूबरू होंगे मेहमान

वाराणसी। गंगा की लहरों के रास्ते भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखने निकला लग्जरी रिवर क्रूज ‘गंगा विलास’ एक बार फिर काशी पहुंच गया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को क्रूज रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल पर पहुंचा। इस पर सवार विदेशी पर्यटकों के लिए काशी के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण का कार्यक्रम तय है। पर्यटक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती में शामिल होंगे।
15 विदेशी पर्यटकों के साथ पहुंचा क्रूज
गंगा विलास के इस आगमन को लेकर पहले 28 अक्टूबर की तारीख निर्धारित थी, लेकिन क्रूज एक दिन पहले ही काशी पहुंच गया। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार क्रूज पर स्विट्जरलैंड के 15 विदेशी पर्यटक सवार हैं। क्रूज 12 अक्टूबर को कोलकाता से रवाना हुआ था और गंगा नदी के रास्ते विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए वाराणसी पहुंचा।

बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा आरती का अनुभव
काशी प्रवास के दौरान पर्यटक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके साथ ही दशाश्वमेध घाट की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती में शामिल होकर यहां की आध्यात्मिक परंपरा को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
पर्यटन कार्यक्रम में सारनाथ, चुनार किला और रामनगर किले जैसे ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल है। इन स्थानों के जरिए विदेशी मेहमानों को काशी और आसपास के क्षेत्र की धार्मिक, बौद्ध तथा ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराया जाएगा।
तीन नवंबर को कोलकाता लौटने का कार्यक्रम
रिपोर्टों के अनुसार, पर्यटकों का दल 3 नवंबर को गंगा विलास क्रूज से कोलकाता के लिए रवाना होगा। वापसी यात्रा के दौरान बिहार के विभिन्न सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी प्रस्तावित है।
नदी पर्यटन को मिल रहा नया आयाम
गंगा विलास भारत में निर्मित लग्जरी रिवर क्रूज है। इसकी यात्रा गंगा नदी के किनारे बसे शहरों, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों से जोड़ती है। काशी जैसे सांस्कृतिक केंद्र में ऐसे क्रूज का आगमन स्थानीय पर्यटन, गाइड सेवाओं और अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
जनवरी 2023 में पहली चर्चित यात्रा के बाद गंगा विलास का काशी आना नदी आधारित पर्यटन की संभावनाओं को फिर सामने लाता है। विदेशी पर्यटकों के इस भ्रमण से वाराणसी की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
लेखक के बारे में
Anup Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →
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