सावन में धारण करें भगवान शिव का परम प्रसाद 'रुद्राक्ष': जानें 21 प्रकारों का आध्यात्मिक महत्व और नियम
भगवान शिव को प्रिय रुद्राक्ष 21 प्रकार के होते हैं, सावन में रुद्राक्ष धारण करना शुभ भगवान शिव को कुछ चीजें अति प्रिय है और उसमें से एक है रुद्राक्ष। यह एक बहुत ही ऊर्जावान और शक्तिशाली बीज होता है, जिसे धारण करने की शास्त्रों में एक विधि बताई है। वहीं रुद्राक्ष 21 तरह के होते हैं। हर रुद्राक्ष की अपनी अलग ऊर्जा होती है, इसलिए इनके चुनाव में भी सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है।
सावन के महीने में, जब भगवना शिव अपने भक्तों पर स्वंय कृपा बरसाने के लिए पृथ्वी लोक पर आते हैं, ऐसे पवित्र समय पर रुद्राक्ष धारण करना अति शुभ माना गया है। यदि आप भी सावन में रुद्राक्ष धारण करने के बारे में सोच रहे हैं, तो पहले यह जान लें कि आपको किस तरह की ऊर्जा वाला रुद्राक्ष पहनना चाहिए। साथ ही हम आपको रुद्राक्ष धारण करने की विधि और सावधानियां भी बताएंगे।
1 से 21 मुखी रुद्राक्ष और उनका महत्व
1 मुखी रुद्राक्ष: भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। इसे एकाग्रता, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक जागरूकता से जोड़ा जाता है। स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के लिए यह रुद्राक्ष धारण करना अति शुभ होता है। 2 मुखी रुद्राक्ष: अर्द्धनारीश्वर अर्थात शिव-पार्वती का प्रतीक माना जाता है। इसे मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और रिश्तों में सामंजस्य के लिए धारण किया जाता है। विवाहित लोग इसे धारण कर सकते हैं।
3 मुखी रुद्राक्ष: अग्नि तत्व से संबंधित माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह नकारात्मकता और मानसिक तनाव से मुक्ति तथा उत्साह और ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इस तरह का रुद्राक्ष उस व्यक्ति को धारण करना चाहिए, जिन्हें कुछ वक्त से नकारात्मक विचार आ रहे हैं।
4 मुखी रुद्राक्ष: भगवान ब्रह्मा और बुध से संबंधित माना जाता है। इसे ज्ञान, बुद्धि, वाणी और स्मरण शक्ति के लिए शुभ माना जाता है। स्टूडेंट्स के लिए इस तरह का रुद्राक्ष पहनना भी अति लाभकारी होता है।
5 मुखी रुद्राक्ष: यह सबसे सामान्य रूप से धारण किए जाने वाले रुद्राक्षों में से एक है। इसे कोई भी धारण कर सकता है। इस रुद्राक्ष को पहनने से मानसिक शांति, ध्यान और आध्यात्मिक संतुलन बना रहता है।
6 मुखी रुद्राक्ष: भगवान कार्तिकेय से संबंधित माना जाता है। इसे आत्मसंयम, आकर्षण, वाणी और आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला माना जाता है।
7 मुखी रुद्राक्ष: इस रुद्राक्ष का संबंध महालक्ष्मी और सप्तऋषियों से होता है। यदि आर्थिक परेशानी चल रही है, तो इस धारण किया जा सकता है। इसे धन, समृद्धि, स्थिरता और आर्थिक संतुलन के लिए शुभ माना जाता है।
8 मुखी रुद्राक्ष: यह रुद्राक्ष भगवान गणेश से संबंधित होता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह बाधाओं को दूर करने और नए कार्यों में सफलता के लिए धारण किया जाता है।
9 मुखी रुद्राक्ष: यह माता दुर्गा का प्रतीक माना जाता है। इसे धारण करने से साहस, शक्ति, आत्मबल और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा से मिलती है।
10 मुखी रुद्राक्ष: इस रुद्राक्ष को भगवान विष्णु और दसों दिशाओं से संबंधित माना जाता है। यदि आप नकारात्मक ऊर्जा, भय और बुरी नजर से खुद को बचाना चाहते हैं, तो इस रुद्राक्ष को धारण कर सकते हैं।
11 मुखी रुद्राक्ष: यह भगवान हनुमान से संबंधित माना जाता है। इसे साहस, बुद्धिमत्ता, आत्मबल और एकाग्रता के लिए शुभ माना जाता है। प्रोफेशनल्स के लिए इस रुद्राक्ष को धारण करने के बहुत फायदे हैं।
12 मुखी रुद्राक्ष: यह रुद्राद्वा सूर्य देव का प्रतीक माना जाता है। इसे तेज, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और प्रशासनिक गुणों से जोड़ा जाता है। यदि आप राजनीति में हैं, तो यह रुद्राक्ष आप धारण कर सकते हैं।
13 मुखी रुद्राक्ष: कामदेव और इंद्र से संबंधित माना जाता है। यह आकर्षण, आत्मविश्वास, भौतिक सुख-सुविधाओं और इच्छाओं की पूर्ति के लिए धारण किया जाता है। ग्रहस्थ जीवन वाले इसे धारण कर सकते हैं।
14 मुखी रुद्राक्ष: इसे शनि से संबंधित माना जाता है। इस रुद्राक्ष को अंतर्ज्ञान, निर्णय क्षमता और मानसिक दृढ़ता के लिए धारण किया जाता है।
15 मुखी रुद्राक्ष: यह भगवान शिव के पशुपतिनाथ का स्वरूप माना जाता है। इसे भावनात्मक संतुलन, आत्मशांति और आंतरिक स्थिरता के लिए शुभ माना जाता है।
16 मुखी रुद्राक्ष: इसे महामृत्युंजय शिव से संबंधित माना जाता है। भय से मुक्ति, आत्मबल और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। यदि किसी बात से बेचैनी या फिर डर लग रहा है, तो इस रुद्राक्ष को धारण करने के बाद वह समाप्त हो जाएगा।
17 मुखी रुद्राक्ष: इस रुद्राक्ष को विश्वकर्मा से संबंधित माना जाता है। इसे कार्यक्षेत्र में सफलता, योजनाओं की पूर्ति और समृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए यह रुद्राक्ष बहुत फायदेमंद होता है।
18 मुखी रुद्राक्ष: इसे भूमि देवी से संबंधित माना जाता है। यह रुद्राक्ष भूमि, भवन, व्यापार और स्थायी संपत्ति से जुड़े लाभ देता है।
19 मुखी रुद्राक्ष : इस रुद्राक्ष को भगवान नारायण से संबंधित माना जाता है। इसे भौतिक सुख, समृद्धि, पारिवारिक सुख और इच्छाओं की पूर्ति से जोड़ा जाता है।
20 मुखी रुद्राक्ष: इसे भगवान ब्रह्मा से संबंधित माना जाता है। इसे ज्ञान, अध्ययन और चिंतन के लिए शुभ माना जाता है।
21 मुखी रुद्राक्ष: यह रुद्राक्ष भगवान कुबेर और धन्वंतरि से संबंधित माना जाता है। यह अत्यंत दुर्लभ होता है। जो भी इसे धारण करता है, उसे सुख, समृद्धि, वैभव तथा आर्थिक उन्नति प्राप्त होती है।
रुद्राक्ष धारण करने की सामान्य विधि
रुद्राक्ष को धारण करने से पहले साफ जल से साफ कर लें। चाहें तो गंगाजल से भी इसे शुद्ध कर सकते हैं।
स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और शांत स्थान पर पूजा करें।
भगवान शिव का ध्यान करके रुद्राक्ष पर चंदन, पुष्प आदि अर्पित करें।
'ॐ नमः शिवाय' या संबंधित रुद्राक्ष का मंत्र जप करें।
रुद्राक्ष को लाल, पीले या सफेद धागे में यहा फिर चांदी की चेन में डालकर धारण किया जा सकता है।
इसे गले में माला के रूप में या हाथ में धारण किया जाता है।
धारण करते समय इसे पहने रहने का संकल्प जरूर लें।
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख
टॉप रीड्स

यूपी में मौसम फिर बदलेगा मिजाज, 25-26 सितंबर को पूर्वांचल में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

यूपी में सपा-कांग्रेस के गठबंधन पर बढ़ी खींचतान, इकरा हसन के बयान ने सीट बंटवारे की बहस को दी हवा

गोरखपुर में द हेजलनट फैक्ट्री का नया आउटलेट शुरू, CM योगी ने किया उद्घाटन

वाराणसी मंडल के 11 रेलकर्मियों को Excellence Award से सम्मान

विदेशी आक्रांताओं ने भारत का वैभव ही नहीं, ज्ञान परंपरा मिटाने की भी कोशिश की: योगी

योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक

जलस्तर घटने के बाद मणिकर्णिका घाट पर सफाई, गंगा की तलहटी से निकला करीब 100 किलो कपड़ा







Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).