ईवीएम पर सवालों को लेकर केशव मौर्य का विपक्ष पर हमला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को गौतमबुद्ध नगर रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर व्यवस्था सही और हार होने पर ईवीएम तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनके इसी तरह के बयान हाल के दिनों में भी सामने आए हैं।
ईवीएम और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस के ईवीएम और चुनाव आयोग से जुड़े आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2004 और 2009 में कांग्रेस केंद्र में सत्ता में थी, तब क्या ईवीएम और चुनाव आयोग गलत थे? उन्होंने विपक्ष पर चुनावी नतीजों के आधार पर अलग-अलग रुख अपनाने का आरोप लगाया।
मौर्य ने इसे “मीठा-मीठा गप, तीखा-तीखा थू” वाली राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि जहां विपक्ष चुनाव जीतता है, वहां नतीजों को स्वीकार किया जाता है, जबकि हार की स्थिति में ईवीएम, चुनाव आयोग और वोट चोरी जैसे आरोप लगाए जाते हैं। हाल में अलीगढ़ में भी मौर्य ने इसी तरह की टिप्पणी करते हुए विपक्ष के ईवीएम संबंधी आरोपों पर सवाल उठाए थे।
सपा और कांग्रेस पर भी साधा निशाना
उपमुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस के साथ विपक्षी गठबंधन को लेकर कहा कि भाजपा के सामने विपक्षी दल साथ मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, इससे भाजपा की चुनावी तैयारी प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य दोहराया।
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के PDA को लेकर भी मौर्य ने टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के हित में काम करने का दावा भाजपा की डबल इंजन सरकार कर रही है। उन्होंने गरीब, किसान, महिला और युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया।
पूर्ववर्ती सरकारों पर लगाया पिछड़ेपन का आरोप
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उनके अनुसार पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश विकास के बजाय अव्यवस्था, परिवारवाद और पिछड़ेपन की ओर गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सत्ता में लौटने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता उनके पिछले कार्यकालों को देख चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के मुद्दे पर आगे बढ़ रही है।
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