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★ Lucknow... यूपी सियासत : अब मायावती ने ईवीएम पर उठाए सवाल !! बोलीं- कांग्रेस शासनकाल में भाजपा ने भी जताया था विरोध।कांग्रेस-सपा समेत विपक्ष के बाद अब मायावती ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोटर के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए।★ बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफा...★ देश के 2 हजार से ज्यादा लोगों ने CJI सूर्यकांत को लेटर लिखकर SIR पर रोक लगाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वतः संज्ञान लेकर ज्ञानेश कुमार और अन्य अफसरों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। लेटर पर दस्तखत करने वालों में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, पूर्व IAS अदिति मेहता, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज सहित तमाम शिक्षाविद, पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट के हस्ताक्षर हैं। SIR से देशभर में 13.37 करोड़ लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट गए हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्ञानेश कुमार के एकतरफा फैसलों पर खुद उनके दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी। इस रिपोर्ट के बाद से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग हो रही है।★ श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल गांव में नदी के कछार में सब्जी की खेती करने गए किसान हनुमान प्रसाद तेज बहाव में फंसने के बाद लापता हैं। परिजनों के मुताबिक करीब 18 घंटे से किसान का कोई सुराग नहीं मिला है, सूचना पर विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। NDRF की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन राप्ती के जलस्तर और आसपास के इलाकों पर नजर बनाए हुए है।★ राज्य स्तरीय AISHE कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने डेटा की शुद्धता और समयबद्धता पर जोर।★ लखनऊ। क्राईम/सर्विलांस टीम पूर्वी जोन व थाना गोमतीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ऑटो रिक्शा व बाईक से जा रही महिलाओं से पर्स व चेन छिनैती करने वाले 01 शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार व 01 बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में लिया गया।★ लखनऊ। वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में मची अफरा-तफरी। अपार्टमेंट में कई लोगों के मौजूद होने की सूचना से हड़कंप। मौके पर अपार्टमेंट को खाली कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। मौके पर राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। अपार्टमेंट को खाली कराने की कार्रवाई जारी है। जिलाधिकारी लखनऊ, जेसीपी एल/ओ और एसीपी चौक मौके पर मौजूद।★ उज्जैन में बवाल, पथराव। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। दरअसल, सिंहस्थ (कुंभ) के लिए सड़क चौड़ी होनी है। इसमें शाही मस्जिद भी आ रही है। मस्जिद ध्वस्तीकरण के खिलाफ आज सुबह हजारों मुस्लिम इकट्ठा हुए हैं।★ आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर यह बोर्ड लगा हुआ है। लेफ्ट हैंड पर उनके नाम हैं, जो इस घर में पैदा हुए। राइट हैंड पर उनके नाम है, जिनके इनकी शादी हुई। 5वें नंबर वाले मनीष बंसल इसी आगरा जिले के मौजूदा DM हैं।★ वांगचुक ने सरकार को 2 अक्टूबर की डेडलाइन दी, कहा- लद्दाख मामले पर जरूरी कदम नहीं उठाए गए, प्रदर्शन करेंगे; पिछले साल लद्दाख में हिंसा हुई थी।★ Lucknow... यूपी सियासत : अब मायावती ने ईवीएम पर उठाए सवाल !! बोलीं- कांग्रेस शासनकाल में भाजपा ने भी जताया था विरोध।कांग्रेस-सपा समेत विपक्ष के बाद अब मायावती ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वोटर के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहनी चाहिए।★ बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफा...★ देश के 2 हजार से ज्यादा लोगों ने CJI सूर्यकांत को लेटर लिखकर SIR पर रोक लगाने की मांग की है। निर्वाचन आयोग की भूमिका पर स्वतः संज्ञान लेकर ज्ञानेश कुमार और अन्य अफसरों पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। लेटर पर दस्तखत करने वालों में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, पूर्व IAS अदिति मेहता, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, अभिनेता प्रकाश राज सहित तमाम शिक्षाविद, पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट के हस्ताक्षर हैं। SIR से देशभर में 13.37 करोड़ लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट गए हैं। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्ञानेश कुमार के एकतरफा फैसलों पर खुद उनके दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी। इस रिपोर्ट के बाद से ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग हो रही है।★ श्रावस्ती में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। इकौना क्षेत्र के मझौवा सुमाल गांव में नदी के कछार में सब्जी की खेती करने गए किसान हनुमान प्रसाद तेज बहाव में फंसने के बाद लापता हैं। परिजनों के मुताबिक करीब 18 घंटे से किसान का कोई सुराग नहीं मिला है, सूचना पर विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। NDRF की टीम ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन राप्ती के जलस्तर और आसपास के इलाकों पर नजर बनाए हुए है।★ राज्य स्तरीय AISHE कार्यशाला में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने डेटा की शुद्धता और समयबद्धता पर जोर।★ लखनऊ। क्राईम/सर्विलांस टीम पूर्वी जोन व थाना गोमतीनगर की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा ऑटो रिक्शा व बाईक से जा रही महिलाओं से पर्स व चेन छिनैती करने वाले 01 शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार व 01 बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में लिया गया।★ लखनऊ। वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में मची अफरा-तफरी। अपार्टमेंट में कई लोगों के मौजूद होने की सूचना से हड़कंप। मौके पर अपार्टमेंट को खाली कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई है। मौके पर राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। अपार्टमेंट को खाली कराने की कार्रवाई जारी है। जिलाधिकारी लखनऊ, जेसीपी एल/ओ और एसीपी चौक मौके पर मौजूद।★ उज्जैन में बवाल, पथराव। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। दरअसल, सिंहस्थ (कुंभ) के लिए सड़क चौड़ी होनी है। इसमें शाही मस्जिद भी आ रही है। मस्जिद ध्वस्तीकरण के खिलाफ आज सुबह हजारों मुस्लिम इकट्ठा हुए हैं।★ आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक घर पर यह बोर्ड लगा हुआ है। लेफ्ट हैंड पर उनके नाम हैं, जो इस घर में पैदा हुए। राइट हैंड पर उनके नाम है, जिनके इनकी शादी हुई। 5वें नंबर वाले मनीष बंसल इसी आगरा जिले के मौजूदा DM हैं।★ वांगचुक ने सरकार को 2 अक्टूबर की डेडलाइन दी, कहा- लद्दाख मामले पर जरूरी कदम नहीं उठाए गए, प्रदर्शन करेंगे; पिछले साल लद्दाख में हिंसा हुई थी।

योगी सरकार की प्रशासनिक दक्षता से 30 साल पुराना नजूल भूमि विवाद सुलझा

By News Desk·28 Sept 2026 03:43 PM (IST)
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योगी सरकार की प्रशासनिक दक्षता से 30 साल पुराना नजूल भूमि विवाद सुलझा

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की लगातार समीक्षा, निगरानी और प्रभावी पैरवी से मामले में आया बड़ा मोड़

वादी ने न्यायालय में आगे पैरवी न करने का दिया शपथ-पत्र, मौके से भी हटाया 30 साल पुराना कब्जा

आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित चार नजूल भूखंड अब सुरक्षित रखने की दिशा में कार्रवाई तेज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील प्रशासनिक सोच और शासकीय भूमि के संरक्षण को लेकर स्पष्ट नीति का असर अब पुराने लंबित मामलों में भी दिखाई दे रहा है। देवीपाटन मंडल में करीब 30 वर्ष से लंबित नजूल भूमि का एक प्रकरण प्रशासन की सक्रियता और प्रभावी निगरानी से नए मोड़ पर पहुंचा है।

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की लगातार समीक्षा, निगरानी और प्रभावी पैरवी के बीच मामले के वादी ने न्यायालय में शपथ-पत्र देकर आगे पैरवी न करने और कार्यवाही समाप्त किए जाने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही संबंधित पक्ष ने सरकारी भूमि से अपना करीब 30 वर्ष पुराना कब्जा भी स्वयं हटा लिया है।

यह मामला गोंडा में मंडलायुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित नजूल भूखंड संख्या 514, 515, 524 और 525 से जुड़ा है। प्रकरण वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित था। वर्ष 2008 में स्थगन आदेश पारित होने के बाद भी मामले में विधिक पैरवी जारी रही। सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के अभियान के दौरान यह पुराना प्रकरण प्रशासन के संज्ञान में आया, जिसके बाद देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने दोबारा समीक्षा शुरू की।

अवैध संचालित विद्यालय में नहीं मिला कोई विद्यार्थी और शिक्षक

पुराने नजूल भूमि प्रकरण की जानकारी सामने आने के बाद मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मामले की लगातार समीक्षा की। अभिलेखों और न्यायालयीन स्थिति की पड़ताल कराई गई। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सरकारी पक्ष मजबूती से रखने और शासकीय हितों की रक्षा के लिए प्रभावी विधिक पैरवी के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान भूमि पर अवैध विद्यालय संचालित होने की बात भी सामने आई। प्रशासन ने मौके की स्थिति की पड़ताल कराई तो वहां वर्तमान में कोई विद्यार्थी या शिक्षक नहीं मिला। इसके बाद जमीन की वास्तविक स्थिति की निगरानी भी की गई।

वादी/अतिक्रमणकारी कोर्ट में पीछे हटे, मौके से भी कब्जा हटाया

प्रकरण में वादी/अतिक्रमणकारी दयानन्द मिश्र की ओर से न्यायालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया। इसमें उन्होंने वाद में आगे पैरवी न करने और कार्यवाही समाप्त किए जाने का अनुरोध किया है। मामले की अहम बात यह है कि संबंधित पक्ष ने न्यायालय में कानूनी पैरवी से पीछे हटने के साथ ही मौके से अपना कब्जा भी हटा लिया। इस तरह करीब तीन दशक से लंबित विवाद में एक ओर न्यायिक प्रक्रिया के स्तर पर बदलाव आया, वहीं दूसरी ओर जमीन की भौतिक स्थिति भी बदल गई।

1997 में शुरू हुआ मामला, अब कब्जामुक्त हुई जमीन

वर्ष 1997 में शुरू हुए विवाद को न्यायिक प्रक्रिया में करीब तीन दशक हो चुके थे। वर्ष 2008 के स्थगन आदेश के बाद भी मामला लंबित रहा। अब वर्ष 2026 में वादी के शपथ-पत्र और मौके से कब्जा हटने के बाद प्रशासन के सामने इन भूखंडों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित इन भूखंडों को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि योगी सरकार की प्रशासनिक दक्षता और शासकीय संपत्तियों के संरक्षण की प्राथमिकता के तहत पुराने और लंबित मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में तीन दशक पुराने इस नजूल भूमि प्रकरण की फाइल दोबारा खुली और न्यायिक स्थिति के साथ मौके की वास्तविक स्थिति भी परखी गई। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की निगरानी में हुई कार्रवाई के बाद अब प्रशासन का फोकस इन भूखंडों की सुरक्षा और निर्धारित शासकीय उपयोग सुनिश्चित करने पर है। यह प्रकरण बताता है कि लंबे समय से लंबित मामलों की नियमित समीक्षा, मजबूत पैरवी और प्रशासनिक निगरानी के जरिए शासकीय हितों की रक्षा की जा सकती है।

वर्जन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप शासकीय भूमि का संरक्षण और जनहित में उसका उपयोग सर्वोच्च प्राथमिकता है। करीब 30 वर्षों से लंबित इस प्रकरण में संबंधित पक्ष ने न्यायालय में आगे पैरवी न करने का अनुरोध किया है और मौके से भी कब्जा हटा लिया है। अब भूमि को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

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