डेंगू की चिंता के बीच मलेरिया ने बढ़ाई टेंशन, बारिश के साथ बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
लखनऊ। देश के कई हिस्सों में मानसून के साथ मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। डेंगू को लेकर लोगों की चिंता के बीच अब मलेरिया के बढ़ते मामलों ने भी स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बारिश, जलभराव और जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है।
बारिश के साथ बढ़ रहा मलेरिया का खतरा
मानसून के दौरान तापमान और नमी में बदलाव के साथ मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है। मुंबई समेत कई शहरों में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई है। मुंबई में बीएमसी के अनुसार, मलेरिया के मामलों में मौसमी वृद्धि देखी जा रही है और सितंबर तक इसका असर बने रहने की आशंका है।
डेंगू और मलेरिया के लक्षणों में समानता
मलेरिया और डेंगू दोनों में तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार बुखार रहने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
जलभराव बना बड़ी चुनौती
बारिश के बाद घरों के आसपास, खाली प्लॉट, नालियों और अन्य स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के लिए प्रजनन स्थल बन जाता है। यही वजह है कि नगर निकायों की ओर से एंटी-लार्वा अभियान, फॉगिंग और जलभराव वाले स्थानों की निगरानी जैसे कदम तेज किए जा रहे हैं।
सरकार ने बढ़ाई निगरानी
केंद्र सरकार ने मानसून से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए देशभर में निगरानी और नियंत्रण व्यवस्था मजबूत करने की जानकारी दी है। सरकार के अनुसार, मलेरिया की समय पर जांच और इलाज के लिए राज्यों को दवाइयां और डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही मच्छरों के नियंत्रण के लिए इनडोर स्प्रे, मच्छरदानी और एंटी-लार्वा उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है।
लोगों को भी बरतनी होगी सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने देना सबसे जरूरी है। मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरी आस्तीन के कपड़ों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है। लगातार या तेज बुखार होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच कराना जरूरी है।
फिलहाल मानसून के बीच डेंगू और मलेरिया दोनों को लेकर सतर्कता जरूरी है। प्रशासन के साथ आम लोगों की जागरूकता और सहयोग से मच्छरों के प्रजनन को कम किया जा सकता है और संक्रमण के प्रसार पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

लखनऊ में H1N1 के 6 नए मरीज मिले, एक्टिव केस 79

ब्लैडर कैंसर सर्जरी में RMLIMS की बड़ी उपलब्धि, 400 से अधिक मामलों का अनुभव टोरंटो में होगा पेश

लखनऊ में H1N1 के 9 नए मामले मिले, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

H1N1 को लेकर सीएम योगी की समीक्षा बैठक, 685 मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश
टॉप रीड्स

करीब दो दर्जन मुकदमों में वांछित सहारा इंडिया के डायरेक्टर संजय अरोड़ा का हार्ट अटैक से निधन

15 दिन पुराने विवाद में फिर भिड़े दो पक्ष, बांस के प्रहार से घायल युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम

बीबीडी परिसर में चार दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारम्भ, साधो बैंड के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

बलिया में बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर, दो युवकों की मौत, दो गंभीर

Surprise Fortress Check Conducted at Gorakhpur Junction to Ensure Safe and Hygienic Catering

फटे टायर के साथ फॉर्च्यूनर लेकर भागा युवक, कार में बेहोश मिली युवती, चिनहट में मचा हड़कंप

नियुक्तियों में पारदर्शिता नहीं तो संस्थान की साख पर संकट, सीएम योगी ने दी नसीहत



Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).