लखनऊ के मंच पर जीवंत होगा विभाजन का दर्द, ‘जिस लाहौर नई देख्या...’ की तैयारियां तेज

लखनऊ । उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा आयोजित त्रैमासिक उर्दू ड्रामा कार्यशाला के पांचवें बैच के तहत आगामी 16 अक्टूबर को मंचित होने वाले ऐतिहासिक नाटक ‘जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्याइ नई’ की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), दिल्ली के स्नातक एवं प्रख्यात रंग-निर्देशक राजेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में कार्यशाला के अभ्यर्थी लखनऊ के संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे ऑडिटोरियम में होने वाले मंचन के लिए लगातार रिहर्सल कर रहे हैं।
कार्यशाला की मीडिया कोऑर्डिनेटर एवं सह-निर्देशक डॉ. सीमा मोदी ने बताया कि उर्दू ड्रामा कोर्स के पांचवें बैच की कार्यशाला पिछले दो महीने से चल रही है। अब मंचन की तारीख नजदीक आने के साथ रिहर्सल को और अधिक तीव्र कर दिया गया है। अकादमी परिसर में अभ्यर्थियों को मानसिक एवं शारीरिक अभ्यास के साथ-साथ वोकल और उच्चारण का भी नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक नाटक में 18 वर्ष के युवाओं से लेकर 68 वर्ष के वरिष्ठ अभ्यर्थियों तक कुल 40 प्रतिभागी अपनी अदाकारी का प्रदर्शन करेंगे। लेखक असग़र वजाहत का यह चर्चित नाटक देश के विभाजन के दौर की मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक रिश्तों और आपसी भाईचारे की भावना को केंद्र में रखता है।
नाटक के माध्यम से विभाजन के दौरान सामने आए मानवीय संघर्ष और उसके बीच कायम रही इंसानियत की भावनाओं को मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यशाला से जुड़े प्रतिभागी संवाद, अभिनय, शारीरिक अभिव्यक्ति और मंचीय प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं पर विशेष अभ्यास कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को उर्दू रंगमंच की बारीकियों से परिचित कराने के साथ उन्हें अभिनय और मंच प्रस्तुति का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी है। आगामी 16 अक्टूबर को होने वाला मंचन इसी प्रशिक्षण प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा होगा।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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