नौकरी का झांसा देकर युवती से शोषण, न्याय मांगने थाने पहुंची पीड़िता से दुर्व्यवहार का आरोप
लखनऊ। राजधानी के विभूतिखंड थाना क्षेत्र में नौकरी का झांसा देकर एक युवती के साथ मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित युवती का आरोप है कि इंसाफ की गुहार लेकर जब वह पुलिस के पास पहुंची, तो उसे न्याय मिलने के बजाय खाकी के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।
झांसा देकर शोषण का आरोप
दिल्ली की रहने वाली पीड़ित युवती के अनुसार, उसे एक प्रतिष्ठित नौकरी का लालच देकर लखनऊ बुलाया गया था। खुद को फिल्म प्रोड्यूसर बताने वाले प्रेम कुमार सिंह (उर्फ विपिन) नाम के व्यक्ति पर आरोप है कि उसने युवती को अपने जाल में फंसाया और उसका शारीरिक, मानसिक व आर्थिक शोषण किया। युवती का दावा है कि आरोपी आदतन अपराधी है और इससे पहले भी कई अन्य लड़कियों को इसी तरह अपना शिकार बना चुका है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी अपने रसूख और आर्थिक बल के दम पर मामलों को दबाने में माहिर है।
थाने के अंदर दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप
मामले ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब पीड़िता न्याय की उम्मीद में विभूतिखंड थाने पहुंची। युवती का आरोप है कि दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिसकर्मियों का रवैया अत्यंत संवेदनहीन और अमानवीय रहा। पीड़िता के अनुसार, उसे इंसाफ देने के बजाय थाने के भीतर कथित तौर पर प्रताड़ित और मारपीट किया गया। थाने के बाहर बिलखती और रोती हुई युवती की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस की साख और कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
प्रदेश की राजधानी में, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का दावा किया जाता है, वहां पुलिस विभाग की इस तरह की कथित भूमिका ने आम जनता के विश्वास को झकझोर कर रख दिया है। एक पीड़ित महिला के साथ पुलिस की ऐसी कार्यशैली से कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बड़ा सवाल : क्या एक पीड़ित महिला के लिए थाने का दरवाजा खटखटाना भी अब असुरक्षित हो गया है? क्या आरोपी का रसूख कानून से भी बड़ा है?
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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