वाराणसी में जानलेवा हमले का छह महीने से फरार आरोपी लखनऊ से गिरफ्तार, पुलिस ने रखा था 25 हजार का इनाम

वाराणसी/लखनऊ। वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में करीब छह महीने पहले हुई फायरिंग की घटना में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सिगरा पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी शिवा सिंह उर्फ शिवम सिंह को लखनऊ के अमौसी स्थित गंगानगर इलाके से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाश लंबे समय से की जा रही थी।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी 1 नवंबर 2026 को प्रेम शिवकला लॉन, गंगानगर अमौसी से की गई। वह सिगरा थाने में दर्ज हत्या के प्रयास से जुड़े मुकदमे में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
घर के बाहर खड़े व्यक्ति पर हुई थी फायरिंग
मामले की शुरुआत 4 मई 2026 की घटना से हुई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान चांदी-सफेद रंग की ऑल्टो कार से कुछ लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि कार में पहले से घात लगाए बैठे लोगों में से एक व्यक्ति नीचे उतरा और शिकायतकर्ता पर गोली चला दी। इस दौरान गाली-गलौज किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
शिकायत के आधार पर सिगरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 0165/2026 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 3(5) और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया।
एक आरोपी पहले ही हो चुका था गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, इसी मुकदमे में नामजद एक अन्य आरोपी श्रोत श्रीवास्तव को 6 मई 2026 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मुख्य आरोपी शिवा सिंह उर्फ शिवम सिंह फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। फरारी के दौरान उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

सिगरा पुलिस की टीम ने लखनऊ में दबिश देकर पकड़ा
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिगरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक शिवम, महिला उपनिरीक्षक डाली साहू, हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह और कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घटना में उसकी भूमिका और अन्य पहलुओं का परीक्षण मुकदमे की जांच के दौरान किया जाएगा।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumar Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आशुतोष कुमार शर्मा पेशे से स्कूल प्रधानाचार्य हैं। पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े श्री शर्मा की डिजिटल मीडिया, नई तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि तकनीक और मीडिया का समन्वय ही भविष्य की पत्रकारिता की दिशा तय करेगा। मीडिया को समाज का चौथा स्तंभ मानते हुए वे सच्चाई, तथ्यपरकता और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Ashutosh Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →
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