सील कोठी खुली तो टूटे मिले ताले, अफजाल अंसारी ने लाखों के जेवर-सामान गायब होने का लगाया आरोप

डालीबाग स्थित कोठी में अलमारियों और दराजों के ताले टूटे मिले, बेटी की शादी के लिए रखे जेवर समेत कीमती सामान गायब होने का दावा, FIR पर उठे सवाल
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के डालीबाग इलाके में स्थित एक सील कोठी को लेकर नया विवाद सामने आया है। कोर्ट के आदेश के बाद आज कोठी की सील खोली गई। नगर निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में सील खोलने की प्रक्रिया पूरी हुई और कोठी की चाबी परिवार को सौंप दी गई। इसके बाद जब परिवार के लोग अंदर पहुंचे तो कई अलमारियों और दराजों के ताले टूटे मिले। अफजाल अंसारी की ओर से कोठी से लाखों रुपये के जेवर और अन्य कीमती सामान गायब होने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह कोठी अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी से संबंधित है। कोठी लंबे समय से सील थी। सील खुलने के बाद परिवार की ओर से अंदर सामान की स्थिति देखने पर कथित तौर पर अलमारियों और दराजों के ताले टूटे मिले। इसके बाद वहां रखे सामान की जांच की गई।
अफजाल अंसारी का दावा है कि कोठी में उनकी बेटी की शादी के लिए रखे गए कीमती जेवरात के अलावा लाखों रुपये का अन्य सामान भी मौजूद था। परिवार का आरोप है कि इनमें से कई सामान अब वहां नहीं हैं। हालांकि, गायब सामान की वास्तविक कीमत और पूरी सूची जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
चार साल पहले भी चोरी का दावा
मामले में यह भी बताया जा रहा है कि करीब चार वर्ष पहले कोठी को सील किए जाने के कुछ दिन बाद भी चोरी की घटना सामने आई थी। अब एक बार फिर सील खुलने के बाद ताले टूटे मिलने और कीमती सामान गायब होने के दावे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सील रहने के दौरान कोठी में कोई कैसे पहुंचा? यदि परिवार के दावे के मुताबिक सामान गायब हुआ है तो कोठी में रखे सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? साथ ही, पहले कथित चोरी की घटना को लेकर क्या कार्रवाई हुई थी, इसकी भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
क्या FIR दर्ज कराएंगे अफजाल अंसारी?
अब पूरे मामले में अगला बड़ा सवाल FIR को लेकर है। अफजाल अंसारी की ओर से यदि पुलिस में शिकायत दी जाती है तो उसमें गायब बताए जा रहे जेवर और अन्य सामान का विवरण दिया जा सकता है। इसके बाद पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि कोठी की सील किस स्थिति में थी, उसके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ हुई या नहीं और कथित तौर पर सामान गायब होने की घटना कब हुई।
पुलिस शिकायत मिलने के बाद मौके का निरीक्षण, सील और ताले की स्थिति की जांच, उपलब्ध रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है। यदि चोरी की पुष्टि होती है तो घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान भी जांच का अहम हिस्सा होगी।
फिलहाल मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की जांच और आधिकारिक शिकायत के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कोठी से वास्तव में कितना सामान गायब हुआ और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है।
अब नजर इस बात पर है कि क्या अफजाल अंसारी इस मामले में FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर देते हैं और पुलिस उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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