चिनहट पुलिस की नाकामी: अपहरण और लूट के 5 माह बाद भी न गिरफ्तारी, न सामान बरामद

6 मार्च 2026 को हुआ था व्यापारी अंजनी कुमार शुक्ला का अपहरण, 14 मार्च को दर्ज हुई
दहशत के बीच बदमाशों ने वसूले 1.46 लाख फिरौती, सोने की चेन और अंगूठी और अपाचे बाइक भी लूटे
सीसीटीवी और डिजिटल ट्रेल मौजूद, पर हाथ खाली
लखनऊ। अपहरण, रंगदारी और लूट जैसे दुस्साहसिक अपराध के मामले में भी राजधानी की खाकी किस कदर पंगु और बेपरवाह बनी हुई है, इसकी बानगी चिनहट थाना क्षेत्र में देखने को मिल रही है। 6 मार्च 2026 को घटी इस सनसनीखेज वारदात को 5 माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, और नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इस मामले में खास बात यह है कि अपहरण की घटना की सीसीटीवी फुटेज, फिरौती में मांगे गए 1.26 लाख से अधिक रुपये के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सहित अन्य साक्ष्य होने और 8 नामजद आरोपियों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, पुलिस अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। और तो और, पुलिस ने लूटी गई अपाचे बाइक, सोने की चेन और अंगूठी तक भी बरामद नहीं की है।
न्याय की उम्मीद में दर-दर भटक रहा पीड़ित चिनहट थाने से लेकर एसीपी विभूतिखंड और डीसीपी पूर्वी के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर पस्त हो चुका है। पुलिस के आला अधिकारियों की चौखट से भी उसे सिर्फ आश्वासन की घुट्टी मिल रही है।
क्या है पूरा मामला?
चिनहट थाना क्षेत्र के न्यू नंदी विहार निवासी व्यापारी अंजनी कुमार शुक्ला का अपहरण बीते 6 मार्च को हुआ था। अंजनी उस रात लगभग 10 बजे मल्हौर रोड स्थित श्री मेगा मार्ट को बंद करके अपनी अपाचे मोटरसाइकिल (यूपी 32 केजे 4899) से घर जा रहे थे। कलश मैरिज लॉन के पास बिना नंबर प्लेट की स्विफ्ट डिजायर से आए छह बदमाशों ने उनका रास्ता रोका और अंजनी को पीटते हुए जबरन कार में बैठा लिया। कार में सवार दो बदमाश उनकी बाइक भी लूट ले गए।
बंधक बनाकर 1.46 लाख की रंगदारी वसूली
आरोप है कि बदमाशों ने अंजनी के मुंह पर कपड़ा और आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें गोंडा-बलरामपुर मार्ग की तरफ ले गए। आरोपियों ने पीड़ित की जेब से 40,000 रुपये नकद, 10 ग्राम सोने की चेन और 6 ग्राम की अंगूठी छीन ली। इसके बाद बदमाशों ने जबरन पिन व पासवर्ड पूछकर 7 व 8 मार्च के दौरान पीड़ित के खाते से रंगदारी की रकम 1,26,814 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा ली। अगले दिन दोपहर 12.30 बजे पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर दुकान के पास छोड़ दिया गया।
पुलिस की टालमटोल और 8 दिन बाद दर्ज हुई FIR
बदमाशों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़ित सीधे चिनहट थाने पहुंचा। सूचना पाकर कस्बा चौकी पुलिस ने मुआयना किया और घटनास्थल के पास से सीसीटीवी फुटेज बरामद कर ली। 6 मार्च की रात हुई इतनी बड़ी वारदात की जानकारी देने के बाद भी चिनहट पुलिस पीड़ित को कई दिनों तक टरकाती रही। आखिरकार वारदात के 8 दिन बाद 14 मार्च 2026 को आशीष पांडेय, प्रशांत सिंह, अखिलेश सिंह, अनुराग, बावनज, अमित, विनोद चौरसिया और मनोज मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस देरी से साफ है कि पुलिस शुरुआती दौर में ही मामला दबाने की कोशिश कर रही थी। वारदात के 5 माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के इस ढुलमुल रवैये पर पीड़ित ने कई सवाल खड़े किए हैं।
इस सम्बंध में चिनहट के प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद मिश्रा ने कहा कि यह मामला लेन-देन से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान अंजनी कुमार शुक्ला का 20 से भी अधिक लोगों से माल मंगवाकर पैसा न देने की जानकारी मिली है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपियों की ट्रेसिंग की जा रही है। वहीं डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा को कई बार फोन मिलाया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा।
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