चिनहट में जमीन विवाद ने खड़े किए कानून-व्यवस्था पर सवाल, जेसीबी से बाउंड्री गिराने का आरोप; थाने में दी तहरीर

लखनऊ। जमीन को लेकर विवाद हो तो उसका समाधान कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए होना चाहिए, लेकिन चिनहट के रहमानपुर-गणेशपुर इलाके में सामने आए एक मामले में किसान की जमीन की बाउंड्री जेसीबी से गिराए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गाटा संख्या 274 स्थित उसके प्लॉट पर कब्जा करने की नीयत से 24 सितंबर को दिनदहाड़े जेसीबी पहुंचाई गई और सीमेंटेड बाउंड्री को गिरा दिया गया। मामले में चिनहट थाने में लिखित तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने और विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
बिना अनुमति बाउंड्री गिराने का आरोप
चिनहट थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, अनूप यादव पुत्र रामेश्वर, ललित कुमार पुत्र नंदलाल और अरुण कुमार पुत्र रामनरेश, निवासी धौकलपुर, गणेशपुर, रहमानपुर, चिनहट ने गाटा संख्या 274 स्थित प्लॉट पर अपना स्वामित्व और कब्जा होने का दावा किया है। तहरीर में कहा गया है कि भूमि संबंधी खतौनी और अन्य अभिलेख उनके पास उपलब्ध हैं।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, प्लॉट की सुरक्षा और कब्जे के लिए पहले से सीमेंटेड बाउंड्रीवाल बनाई गई थी। आरोप है कि 24 सितंबर 2026 को करीब दोपहर एक बजे वीरेंद्र यादव निवासी ग्राम शिवपुरी, चिनहट तथा यथार्थ पार्थ बिल्डर्स, लखनऊ के निदेशक राजेश कुमार सिंह और उनके साथ आए अन्य लोगों ने जेसीबी मंगाकर बाउंड्री गिरा दी।
न्यायिक या प्रशासनिक आदेश के बिना कार्रवाई का आरोप
तहरीर में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बाउंड्री बिना उनकी अनुमति और किसी वैध न्यायिक अथवा प्रशासनिक आदेश के गिराई गई। उनका कहना है कि बाउंड्री गिराए जाने से निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा और इसके साथ ही जमीन पर अनधिकृत कब्जे का खतरा भी पैदा हो गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मौके पर मौजूद लोगों से बाउंड्री गिराने और जमीन पर निर्माण या कब्जे की कार्रवाई रोकने के लिए कहा गया, लेकिन इसके बावजूद कथित रूप से कार्रवाई जारी रही।

प्लॉट बेचने का दबाव बनाने का भी आरोप
पीड़ित पक्ष ने अपनी तहरीर में एक और गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पिछले कई वर्षों से उन पर प्लॉट बेचने का दबाव बनाया जा रहा था। आरोप है कि उनसे कहा जाता था कि वे अपना प्लॉट बेच दें, अन्यथा रास्ता बंद करवा दिया जाएगा।
सीसीटीवी और मोबाइल वीडियो की जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। तहरीर में कहा गया है कि उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों से घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों और बाउंड्री गिराए जाने की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को खतौनी, रजिस्ट्री/विक्रय पत्र, बाउंड्री की तस्वीरें और वीडियो समेत अन्य दस्तावेज जांच के लिए उपलब्ध कराने की बात भी कही है।
फिर कब्जे की आशंका, सुरक्षा की मांग
तहरीर में शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि बाउंड्री गिराए जाने के बाद आरोपी पक्ष दोबारा जेसीबी या अन्य साधनों के जरिए जमीन पर निर्माण कराकर कब्जा करने का प्रयास कर सकता है। उन्होंने अपनी जमीन पर दोबारा किसी तरह की क्षति या कब्जे को रोकने के लिए पुलिस से निरोधात्मक और सुरक्षात्मक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि उन्हें अपनी जान-माल और संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका है। उन्होंने घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण कराने, मौके की स्थिति दर्ज करने तथा बाउंड्री गिराए जाने की घटना से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है।
जमीन का विवाद हो तो कानून का रास्ता ही समाधान
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि जमीन के स्वामित्व या कब्जे को लेकर यदि किसी पक्ष को आपत्ति है तो उसका समाधान कानून के तहत होना चाहिए। किसी भी पक्ष द्वारा अपने स्तर पर जेसीबी चलाकर बाउंड्री गिराने या कब्जा स्थापित करने का प्रयास, यदि जांच में सही पाया जाता है, तो यह गंभीर मामला बन सकता है।
जमीन के अधिकार को लेकर विवाद होने की स्थिति में संबंधित पक्ष न्यायालय अथवा राजस्व विभाग के समक्ष अपना दावा रख सकता है। ऐसे मामलों में मौके पर ताकत के आधार पर स्थिति बदलने के बजाय सक्षम प्राधिकारी के आदेश का पालन किया जाना ही कानूनसम्मत प्रक्रिया है।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
मामले में पीड़ित पक्ष ने चिनहट थाने में तहरीर देकर नामजद लोगों और अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में घटनास्थल का निरीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित कराने और दोबारा कब्जे की कोशिश रोकने की भी मांग की गई है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
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