डीडीयू मंडल में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, छह माह में रेल दुर्घटना के सभी प्रमुख मामले शून्य

डीडीयू नगर। पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में रेल संरक्षा से जुड़े प्रमुख हादसों का आंकड़ा शून्य रहा। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान मंडल में कोई परिणामी रेल दुर्घटना, ट्रेन के पटरी से उतरने, सिग्नल पार करने या समपार फाटक पर दुर्घटना का मामला दर्ज नहीं हुआ।
250 से अधिक गहन और औचक निरीक्षण
अति व्यस्त रेल नेटवर्क वाले डीडीयू मंडल में संरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। संरक्षा विभाग ने अब तक 250 से अधिक गहन और औचक निरीक्षण किए हैं। इनमें स्टेशन-कैबिन, समपार फाटक, फुटप्लेट निरीक्षण, एम्बुश और रात्रिकालीन जांच शामिल हैं। रात्रिकालीन जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर से भी जांच की गई।
इसके अलावा विभिन्न विभागों को शामिल करते हुए पांच क्रॉस-फंक्शनल संरक्षा ऑडिट किए गए हैं।
दो साल में 120 संभावित जोखिमों की पहचान
मंडल में संभावित संरक्षा खामियों की समय रहते पहचान पर भी जोर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में 63 और 2025-26 में 57 मामलों में संरक्षा संबंधी जरूरतों की समय रहते पहचान की गई। कुल 120 मामलों में आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की गई।
चालू वित्त वर्ष में विभिन्न विभागों के 19 रेलकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए मासिक संरक्षा पुरस्कार भी दिए गए हैं।
13 विशेष संरक्षा अभियान
संरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए चालू वर्ष में 13 विशेष अभियान चलाए गए। इनमें अग्नि सुरक्षा, मानसून के दौरान सावधानियां, शंटिंग सुरक्षा, वातानुकूलित कोचों की जांच तथा पॉइंट्स और क्रॉसिंग की जांच शामिल हैं।
डीडीयू मंडल के सभी 102 समपार फाटकों पर मानवयुक्त व्यवस्था है। इनमें 46 इंटरलॉक्ड और 56 नॉन-इंटरलॉक्ड समपार फाटक शामिल हैं। सड़क उपयोगकर्ताओं को रेल लाइन पार करते समय सुरक्षा नियमों के पालन के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
एनडीआरएफ के साथ मॉक ड्रिल
आपात स्थिति में राहत और बचाव व्यवस्था की तैयारियों को परखने के लिए वर्ष 2025 में एनडीआरएफ के साथ संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। गया में एनडीआरएफ की 9वीं बटालियन और डीडीयू में 11वीं बटालियन के साथ अभ्यास किया गया। इसमें आपातकालीन स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और राहत-बचाव संसाधनों की तैयारियों को परखा गया।
तकनीकी प्रणालियों की नियमित निगरानी
मंडल के स्टेशनों पर ट्रेन संचालन, सिग्नल और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी सुरक्षा प्रणालियों की निगरानी की जा रही है। इनमें बीपीएसी, आरआरआई/ईआई, एलईडी सिग्नल और आईपीएस जैसी प्रणालियां शामिल हैं।
रेल प्रशासन के अनुसार, व्यस्त रेल नेटवर्क में सुरक्षित परिचालन के लिए निरीक्षण, जोखिम की पहचान, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया लगातार जारी है।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumar Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आशुतोष कुमार शर्मा पेशे से स्कूल प्रधानाचार्य हैं। पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े श्री शर्मा की डिजिटल मीडिया, नई तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि तकनीक और मीडिया का समन्वय ही भविष्य की पत्रकारिता की दिशा तय करेगा। मीडिया को समाज का चौथा स्तंभ मानते हुए वे सच्चाई, तथ्यपरकता और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Ashutosh Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →
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