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★ लखनऊ । आज रामपुर जाएंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव। जेल में आज़म खान से करेंगे मुलाकात। आज दोपहर 12:45 बजे जेल में मुलाकात। आज़म खान के आवास भी जाएंगे अखिलेश। परिवार के साथ मुलाकात करेंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव।★ पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा कि नेताओं को वो मांगे नहीं उठानी चाहिए जो जनता की आवाज नहीं है, देश में सत्ता का परिवर्तन हो ऐसा जनता की मांग नहीं।★ मुंबई एयरपोर्ट पर करोड़ों की गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश, एयरपोर्ट कर्मचारी समेत 5 गिरफ्तार।★ फ्रांस में जारी प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी।★ विदेश में पढ़ने वाले भारतीय नहीं लौटना चाहते घर, 63% स्टूडेंट पराए मुल्क को बना रहे परमानेंट ठिकाना।★ दिल्ली, कैबिनेट सचिव ने 27 अक्टूबर को सभी मंत्रालयों की कार्यप्रणाली समीक्षा बैठक बुलाई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जाएगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग पर अहम निर्णय होंगे।★ दिल्ली में भूमि के सर्किल रेट 20 गुना बढ़ाने की मांग पर जल्द फैसलें के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को बैठक बुलाई।★ UP, पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का एक्शन, ERO और VRC ऑपरेटर हटाए; होगी लीगल कार्रवाई।★ महाराष्ट्र : वाशिम में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान तनाव, जुलूस पर पथराव के बाद इलाके में RAF और SRPF की तैनाती।★ CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने पर कहा, "SEM कोर्ट में हमने जो देखा, वह किसी सर्कस से कम नहीं है. यहां जो कुछ हो रहा है, उसकी जांच होनी चाहिए और यह भी देखा जाना चाहिए कि ये लोग किस तरह किसी की आज़ादी को कुचलकर काम कर रहे हैं।★ लखनऊ । आज रामपुर जाएंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव। जेल में आज़म खान से करेंगे मुलाकात। आज दोपहर 12:45 बजे जेल में मुलाकात। आज़म खान के आवास भी जाएंगे अखिलेश। परिवार के साथ मुलाकात करेंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव।★ पॉलिटिकल एक्टिविस्ट और स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने कहा कि नेताओं को वो मांगे नहीं उठानी चाहिए जो जनता की आवाज नहीं है, देश में सत्ता का परिवर्तन हो ऐसा जनता की मांग नहीं।★ मुंबई एयरपोर्ट पर करोड़ों की गोल्ड स्मगलिंग का पर्दाफाश, एयरपोर्ट कर्मचारी समेत 5 गिरफ्तार।★ फ्रांस में जारी प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी।★ विदेश में पढ़ने वाले भारतीय नहीं लौटना चाहते घर, 63% स्टूडेंट पराए मुल्क को बना रहे परमानेंट ठिकाना।★ दिल्ली, कैबिनेट सचिव ने 27 अक्टूबर को सभी मंत्रालयों की कार्यप्रणाली समीक्षा बैठक बुलाई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जाएगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग पर अहम निर्णय होंगे।★ दिल्ली में भूमि के सर्किल रेट 20 गुना बढ़ाने की मांग पर जल्द फैसलें के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को बैठक बुलाई।★ UP, पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग का एक्शन, ERO और VRC ऑपरेटर हटाए; होगी लीगल कार्रवाई।★ महाराष्ट्र : वाशिम में दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान तनाव, जुलूस पर पथराव के बाद इलाके में RAF और SRPF की तैनाती।★ CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने पर कहा, "SEM कोर्ट में हमने जो देखा, वह किसी सर्कस से कम नहीं है. यहां जो कुछ हो रहा है, उसकी जांच होनी चाहिए और यह भी देखा जाना चाहिए कि ये लोग किस तरह किसी की आज़ादी को कुचलकर काम कर रहे हैं।

‘वोट बैंक नहीं, विकास की पहली इकाई हैं गांव’, ग्राम स्वराज पर सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां, परिवारवाद पर साधा निशाना

By Santosh Kumar Singh·02 Oct 2026 09:36 PM (IST)
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‘वोट बैंक नहीं, विकास की पहली इकाई हैं गांव’, ग्राम स्वराज पर सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां, परिवारवाद पर साधा निशाना

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम स्वराज को लेकर अपनी सरकार के कामकाज और गांवों में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास के बजाय सिर्फ वादे मिले और गांवों के नाम पर राजनीति होती रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांवों को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नए भारत की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।

‘2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "वर्ष 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति होती रही, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।"

उन्होंने आगे कहा, "जिन्होंने गांवों को सिर्फ अराजकता और जातिवाद की आग में झोंका, गांवों को केवल वोट बैंक समझा, उनकी राजनीति की वजह से गांव पीछे रह गए।

‘गांवों को लेकर हमारी सोच अलग है’- सीएम योगी

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार की सोच गांवों को लेकर अलग है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, नए भारत के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानकर काम कर रही है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में सरकार ने गांवों से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किया है। उन्होंने कहा, "पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है।

57,600 ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सुविधा

मुख्यमंत्री ने गांवों में डिजिटल सुविधाओं और पंचायत व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा, "57,600 ग्राम सचिवालयों में आज ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्राम वासियों को समस्त सुविधाएं गांव में मिल रही हैं। पंचायतों के कामकाज पारदर्शी और जवाबदेह हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सचिवालयों के संचालन से गांवों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।

11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी

सीएम योगी ने गांवों में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है।

ग्राम स्वराज की अवधारणा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारे लिए ग्राम स्वराज कोई राजनीतिक नारा नहीं, महात्मा गांधी के सपनों के गांव और उसकी आत्मनिर्भरता का संकल्प है।"

उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में कहा, "सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।"

लेखक के बारे में

Santosh Kumar Singh

श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →

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