यूपी में डेटा सेंटर की बड़ी छलांग की तैयारी, योगी सरकार का ₹2 लाख करोड़ निवेश जुटाने पर फोकस

नई डेटा सेंटर नीति-2026 से AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा, नोएडा से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक निवेश आकर्षित करने की तैयारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब केवल पारंपरिक उद्योगों और विनिर्माण तक अपनी आर्थिक संभावनाएं सीमित नहीं रखना चाहता। योगी सरकार राज्य को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश की नई डेटा सेंटर नीति-2026 लागू की गई है। इसके तहत सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित करने और 2 गीगावॉट से ज्यादा अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया है।
डेटा सेंटर नीति-2026 में क्या है खास?
नई नीति का उद्देश्य प्रदेश में आधुनिक और वैश्विक स्तर के डेटा सेंटर विकसित करना है। इसके लिए सरकार ने निवेशकों को कई तरह की वित्तीय सुविधाएं देने का प्रावधान किया है। इनमें डेटा सेंटर पार्क के लिए 50 करोड़ रुपये तक की ब्याज सब्सिडी और डेटा सेंटर यूनिट के लिए 20 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी शामिल है।
इसके अलावा पात्र परियोजनाओं को भूमि सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी में छूट और 10 वर्षों तक बिजली शुल्क से शत-प्रतिशत छूट देने का प्रावधान है। बुंदेलखंड और पूर्वांचल में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि सब्सिडी की दर भी अधिक रखी गई है।

AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर जोर
नई नीति में केवल सर्वर और डेटा स्टोरेज सुविधाओं तक सीमित रहने के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत AI आधारित कंप्यूटिंग क्षमता विकसित करने वाली पात्र परियोजनाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की व्यवस्था है।
इससे भविष्य में AI, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए प्रदेश में अपना आधार तैयार करने के अवसर बढ़ सकते हैं।
नोएडा और लखनऊ बनेंगे टेक्नोलॉजी विकास के प्रमुख केंद्र
नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बड़े औद्योगिक निवेश के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। डेटा सेंटर और AI आधारित परियोजनाओं के विस्तार से इस क्षेत्र की भूमिका और मजबूत होने की संभावना है। वहीं लखनऊ में भी डीप-टेक, स्टार्टअप और AI इकोसिस्टम विकसित करने की योजनाओं पर काम हो रहा है।
सरकार की योजना है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ तकनीकी अनुसंधान, स्टार्टअप और उद्योगों के बीच सहयोग को भी बढ़ाया जाए।

पुरानी नीति से कितना आगे बढ़ा प्रदेश?
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून 2025 तक राज्य में डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए लगभग 21,342.90 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 644 मेगावॉट की प्रस्तावित क्षमता दर्ज थी। इन परियोजनाओं के लिए 77.08 एकड़ भूमि आवंटित या विचाराधीन थी। विभागीय जानकारी में आठ सूचीबद्ध परियोजनाओं में से सात के व्यावसायिक रूप से शुरू होने का उल्लेख है।
अब नई नीति के जरिए सरकार इस शुरुआती आधार को बड़े निवेश और अधिक क्षमता में बदलना चाहती है।
ग्रीन डेटा सेंटर पर भी रहेगा ध्यान
डेटा सेंटर में बिजली की खपत काफी अधिक होती है। इसे देखते हुए नई नीति में ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल संचालन पर भी जोर दिया गया है। वर्ष 2030 तक नए डेटा सेंटरों में 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रीन सर्टिफिकेशन और टिकाऊ संचालन से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान है।
रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिल सकता है लाभ
डेटा सेंटर परियोजनाओं के निर्माण, संचालन, साइबर सुरक्षा, नेटवर्क प्रबंधन, क्लाउड सेवाओं और तकनीकी रखरखाव जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की जरूरत होती है। ऐसे में निवेश बढ़ने के साथ आईटी और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक रोजगार का स्तर परियोजनाओं के जमीन पर उतरने और उनके संचालन पर निर्भर करेगा।
लेखक के बारे में
News Desk
‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क खबरों के संकलन, संपादन, सत्यापन और प्रकाशन की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है। देश-प्रदेश की राजनीति, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, अपराध, शिक्षा, रोजगार और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर लगातार नजर रखते हुए डेस्क पाठकों तक जरूरी और महत्वपूर्ण खबरें पहुंचाने का कार्य करता है। न्यूज डेस्क की टीम विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं की पड़ताल कर खबरों को तथ्यपरक, स्पष्ट और संतुलित स्वरूप देती है। खबर की भाषा, तथ्य, शीर्षक, प्रस्तुतीकरण और डिजिटल प्रकाशन से जुड़े प्रत्येक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बदलते डिजिटल मीडिया के दौर में न्यूज डेस्क की भूमिका केवल खबर प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है। ब्रेकिंग न्यूज की त्वरित अपडेटिंग, SEO आधारित प्रस्तुतीकरण, सोशल मीडिया वितरण और पाठकों की रुचि के अनुरूप खबरों के प्रभावी डिजिटल प्रकाशन पर भी टीम लगातार काम करती है। ‘विजुअल लाइव’ का न्यूज डेस्क पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों—तथ्य, विश्वसनीयता, निष्पक्षता और जनसरोकार—को प्राथमिकता देते हुए पाठकों को तेज, भरोसेमंद और उपयोगी समाचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। News Desk की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए वायु सेना की बड़ी पहल, 42 स्कूलों में लागू होगा 'स्क्रॉलकंट्रोल' कार्यक्रम

$6.3 अरब की क्रिप्टो चोरी के बाद Binance का बड़ा कदम, 95% नुकसान की भरपाई; आज से खुलेंगे विड्रॉल

ISRO की बड़ी कामयाबी: अंतरिक्ष में पहुंचा NVS-03, अब भारत को रास्ता दिखाएगा अपना स्वदेशी NavIC

WhatsApp यूजर्स की मौज! ग्रुप चैट में आए 4 धांसू फीचर, अब कभी एक्सपायर नहीं होगा पिन किया मैसेज
टॉप रीड्स

यूपी चुनाव 2027 : यूपी में बीजेपी के 120 विधायकों के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सीट पर भी खतरे के संकेत

सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में 1.30 करोड़ से होगा अंबेडकर व रविदास मंदिरों का सुंदरीकरण

किसानों और महिलाओं के लिए जल्द आएगा विशेष पैकेज, तीन करोड़ किसान परिवारों को मिलेगी राहत: योगी

2027 के चुनाव में अखिलेश नहीं आजमाएंगे विधानसभा की किस्मत, वाराणसी में किया बड़ा ऐलान

स्वामी प्रसाद मौर्य विवाद की आंच लखनऊ तक पहुंची, अखिलेश के खिलाफ ‘बॉयकॉट’ पोस्टर से गरमाई यूपी की सियासत

तेहरान की सड़कों पर ट्रंप के खिलाफ खुली धमकी, होर्डिंग में नेतन्याहू भी निशाने पर; ईरान में बढ़ा अमेरिका-विरोधी प्रदर्शन

काशी से प्रयागराज तक भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ रवाना हुए मंत्री दयाशंकर मिश्र




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).