हम मुस्लिम समाज के दुश्मन हैं…’ शहनवाज हुसैन के बेटे की शादी पर उमा भारती का भावुक पोस्ट, 32 साल पुराने रिश्ते का किया जिक्र

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के बेटे सैयद अरबाज हुसैन के निकाह के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का भावुक संदेश चर्चा में है। उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर शाहनवाज हुसैन के साथ अपने करीब 32 साल पुराने राजनीतिक और पारिवारिक रिश्तों को याद किया। उन्होंने बताया कि वह अरबाज के निकाह में शामिल नहीं हो सकीं, जिसका उन्हें जीवनभर अफसोस रहेगा।
पोस्ट में उमा भारती ने उस दौर का भी जिक्र किया, जब अयोध्या आंदोलन में उनकी सक्रियता के कारण वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों द्वारा उनकी छवि मुस्लिम समाज के विरोधी के रूप में पेश किए जाने की बात कही गई थी। इसी संदर्भ में उन्होंने लिखा कि शाहनवाज हुसैन को आशंका थी कि वह नई टीम में उन्हें जगह नहीं देंगी।
25 अक्टूबर को हुआ अरबाज और अफशां का निकाह
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शाहनवाज हुसैन के बेटे सैयद अरबाज हुसैन का निकाह 25 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में हुआ। उनकी दुल्हन अफशां अकरम खान हरियाणा के जगाधरी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकरम खान की बेटी हैं।
निकाह के बाद आयोजित रिसेप्शन में भाजपा और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कई नेताओं की मौजूदगी की खबरें सामने आईं।
इस विवाह की चर्चा इसलिए भी हुई कि दूल्हे के पिता भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, जबकि दुल्हन के पिता कांग्रेस विधायक हैं।

जब शाहनवाज हुसैन को टीम में जगह मिलने की थी चिंता
उमा भारती ने अपनी पोस्ट में भाजपा युवा मोर्चा के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 1993 में जेपी नड्डा के बाद जब उन्हें युवा मोर्चा की जिम्मेदारी मिली, तब शाहनवाज हुसैन भी संगठन में सक्रिय थे।
उमा भारती के मुताबिक, शाहनवाज को आशंका थी कि अयोध्या आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण मुस्लिम समाज के प्रति विरोधी छवि के चलते उन्हें नई टीम में जगह नहीं मिलेगी। लेकिन उमा भारती ने उनकी संगठनात्मक सक्रियता को देखते हुए उन्हें जिम्मेदारी दी।
इसके बाद शाहनवाज हुसैन संगठन में आगे बढ़े। वह राष्ट्रीय मंत्री बने और आगे चलकर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचे। उमा भारती ने अपने संदेश में उनके राजनीतिक सफर के शुरुआती दौर को याद करते हुए दोनों के लंबे साथ का उल्लेख किया।
शाहनवाज और रेणु शर्मा की शादी का भी किया जिक्र
उमा भारती ने शाहनवाज हुसैन और उनकी पत्नी रेणु शर्मा के रिश्ते का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शाहनवाज ने रेणु के बारे में सबसे पहले उन्हें ही बताया था। उमा भारती ने दोनों को अपनी-अपनी धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विवाह करने की सलाह दी थी।
उनके अनुसार, बाद में दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। जब अरबाज का जन्म हुआ, तब युवा मोर्चा के सदस्यों ने उमा भारती के आवास पर खुशी मनाई थी। उन्होंने लिखा कि समय के साथ शाहनवाज का परिवार आगे बढ़ता रहा और उनके तथा रेणु के रिश्ते की मिठास बनी रही।
शाहनवाज हुसैन और रेणु शर्मा का विवाह 1994 में हुआ था। उनके दो बेटे हैं—अरबाज और अदीब।
‘निकाह में फूफी की हैसियत से बैठना था’
उमा भारती ने पोस्ट में अफसोस जताया कि वह अरबाज के निकाह में शामिल नहीं हो सकीं। उन्होंने बताया कि शाहनवाज हुसैन खुद वृंदावन आकर उन्हें निमंत्रण देने पहुंचे थे। केदारनाथ से लौटने के बाद वह वृंदावन में थीं, लेकिन परिस्थितियों के कारण दिल्ली नहीं जा सकीं।
उन्होंने भावुक अंदाज में लिखा कि वह आम तौर पर शादियों में शामिल नहीं होतीं, लेकिन अरबाज के निकाह में उन्हें परिवार के सदस्य की तरह मौजूद रहना था। शाहनवाज को अपना छोटा भाई बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन की यात्रा में शाहनवाज का साथ 32 साल पुराना है।
उमा भारती ने नवदंपती अरबाज और अफशां के साथ शाहनवाज हुसैन और रेणु शर्मा की खुशहाली की कामना की। उन्होंने वृंदावन में बांके बिहारी जी से पूरे परिवार के लिए प्रार्थना करने की बात भी कही।
शाहनवाज हुसैन ने कहा—आप मेरी अभिभावक हैं
उमा भारती की पोस्ट पर शाहनवाज हुसैन ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि दीदी के भावपूर्ण शब्दों ने उन्हें भावुक कर दिया। उन्होंने 32 वर्षों के साथ, स्नेह और मार्गदर्शन को अपने जीवन की अनमोल पूंजी बताया।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अरबाज और अफशां के निकाह में उमा भारती की कमी बहुत खली, लेकिन उन्हें विश्वास था कि उनका आशीर्वाद नवदंपती के साथ है। उन्होंने अरबाज का पहला जन्मदिन उमा भारती के घर पर मनाए जाने की याद भी साझा की।
शाहनवाज ने उम्मीद जताई कि दिल्ली आने पर उमा भारती उनके घर पहुंचकर अरबाज और अफशां को आशीर्वाद देंगी। उन्होंने उमा भारती को अपनी बड़ी बहन के साथ-साथ अभिभावक भी बताया।
लेखक के बारे में
Anup Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनूप कुमार शर्मा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और डिजिटल तकनीक एवं मीडिया के क्षेत्र में विशेष रुचि रखते हैं। तकनीकी दक्षता के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और बदलती मीडिया तकनीकों को समझने में उनकी गहरी दिलचस्पी है। डिजिटल मीडिया के तेजी से बदलते स्वरूप के बीच वे नई तकनीकों, वेब प्लेटफॉर्म, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन मीडिया टूल्स को सीखने और उन्हें प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। तकनीकी सोच और रचनात्मक दृष्टिकोण का बेहतर तालमेल उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। मीडिया और तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को वे भविष्य की पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को अधिक तेज, प्रभावी और पाठक-केंद्रित बनाने में उनकी विशेष रुचि है। Anup Sharma की सभी खबरें देखें →
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