2027 के चुनाव का योगी ने तय किया सियासी एजेंडा, बोले- 80 बनाम 20 की लड़ाई; तीसरी बार बनेगी BJP की डबल इंजन सरकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ताजा इंटरव्यू में विपक्ष को कई मुद्दों पर घेरा और लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने का भरोसा जताया। उन्होंने आगामी चुनाव को ‘80 बनाम 20’ की लड़ाई बताते हुए कहा कि जेन-जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के साथ है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि जनता सुरक्षा, सुशासन और विकास के मुद्दे पर भाजपा का समर्थन करेगी।
8 नवंबर को दीपावली के अवसर पर एक मीडिया संस्थान को दिए विशेष साक्षात्कार में योगी ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में काम कर रही है। उनका कोई व्यक्तिगत एजेंडा नहीं है। सरकार विरासत और विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकालकर देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने का दावा किया और प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य दोहराया।
'80 बनाम 20' के बयान से 2027 के चुनाव का माहौल गरमाया
मुख्यमंत्री ने 2027 के विधानसभा चुनाव को 80 बनाम 20 की लड़ाई बताते हुए कहा कि यह अनुपात मतदाताओं और सीटों, दोनों में दिखाई देगा। उन्होंने युवा मतदाताओं, खासकर जेन-जी का समर्थन भाजपा के साथ होने का दावा किया। योगी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार के कामकाज तथा विकास की योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंचा है।
लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का फोकस सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि पर है। उनका यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के चुनावी नैरेटिव और विपक्ष के साथ राजनीतिक मुकाबले की दिशा को स्पष्ट करता है।

अखिलेश के अयोध्या दौरे पर योगी का तंज, रामभक्तों से माफी मांगने की मांग
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 12 दिसंबर को अयोध्या जाने की संभावित योजना पर योगी ने कहा कि भगवान राम की नगरी में कोई भी आ सकता है, लेकिन उसे पवित्र भाव से आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अखिलेश से रामभक्तों पर गोली चलवाने और अयोध्या की कथित उपेक्षा के लिए माफी मांगने की मांग की।
योगी ने राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, गोस्वामी तुलसीदास, माता शबरी, निषादराज और गिद्धराज जटायु को सम्मान दिए जाने का जिक्र किया। इसी क्रम में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अयोध्या में रावण, मारीच, सुबाहु और ताड़का का कोई चिह्न नहीं है, फिर उनके भक्त यहां क्यों आना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि 2027 में जनता समाजवादी पार्टी को चुनाव में करारा जवाब देगी।
'अयोध्या मेरे लिए चुनाव नहीं, आस्था का विषय'
अयोध्या से चुनाव लड़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह वहां चुनाव लड़ने नहीं गए थे। उनके मुताबिक, अयोध्या उनके लिए राजनीतिक सीट नहीं, बल्कि आस्था का विषय है।
योगी ने गोरक्षपीठ की राम जन्मभूमि आंदोलन में ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान लागू होने और देश में पहला चुनाव होने से पहले ही पीठ इस आंदोलन से जुड़ी थी। उन्होंने अपने दादागुरु और गुरु के योगदान को याद करते हुए कहा कि शैव परंपरा की पीठ होने के बावजूद उन्होंने वैष्णव परंपरा और भगवान राम की नगरी के गौरव को बहाल करने के लिए आंदोलन में भागीदारी की।
राहुल गांधी पर हमला, बोले- बहस संसद में होनी चाहिए, चौराहे पर नहीं
मुख्यमंत्री ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस और चर्चा का सबसे बड़ा मंच संसद है, चौराहा नहीं। राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान करने का आरोप लगाया।
आवाज दबाने के आरोपों पर योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी की आवाज ही डाउन है। उन्होंने विपक्ष पर राष्ट्रीय संकट के समय जिम्मेदार भूमिका नहीं निभाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया भारत देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना जानता है।

सपा के PDA पर निशाना, ओवैसी के बयान पर भी प्रतिक्रिया
योगी ने समाजवादी पार्टी के PDA नारे पर हमला बोलते हुए इसे 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पराया धन अपना' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का राजनीतिक व्यवहार परिवार केंद्रित है और पार्टी अलग-अलग मौकों पर अपना रुख बदलती है।
राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवारों के चयन का जिक्र करते हुए उन्होंने सपा पर परिवार और धनाढ्य लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। वहीं, ओवैसी के मुस्लिम मुख्यमंत्री और बुर्के वाली प्रधानमंत्री से जुड़े बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा कयामत तक पूरी नहीं होगी। उन्होंने सपा, कांग्रेस और AIMIM को एक ही राजनीतिक खेमे से जुड़ा बताते हुए निशाना साधा।
मतदाता सूची पर 1.27 करोड़ हिंदुओं के नाम नहीं होने का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में दर्ज करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम विधानसभा की मतदाता सूची में नहीं हैं। इस आंकड़े के संदर्भ में उन्होंने अलग-अलग श्रेणियों का उल्लेख किया, जिनमें करीब 66 लाख पंचायत मतदाता, 55 लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थी और 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 4.5 लाख युवा शामिल हैं।
योगी के मुताबिक, इस संबंध में चुनाव आयोग को साक्ष्य और ज्ञापन सौंपकर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा विदेशी घुसपैठियों के नाम हटाने की मांग की गई है।
हालांकि, इस दावे को लेकर तथ्यात्मक अंतर समझना जरूरी है। पंचायत मतदाता सूची और विधानसभा मतदाता सूची अलग-अलग उद्देश्यों के लिए तैयार होती हैं। किसी व्यक्ति का नाम पंचायत सूची में होना अपने आप यह साबित नहीं करता कि उसका नाम विधानसभा सूची से गलत तरीके से हटाया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं का आंकड़ा मुख्यमंत्री का दावा है; चुनाव आयोग की ओर से धर्म के आधार पर इतनी संख्या में नाम गायब होने की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
3.60 करोड़ महिलाओं के लिए नई योजना लाने की तैयारी
महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने जल्द नई योजना शुरू करने की बात कही। उनके अनुसार, इससे प्रदेश की करीब 3.60 करोड़ महिलाएं और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार मिशन शक्ति के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन पर काम कर रही है।
योगी ने दावा किया कि महिलाओं ने बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के आधार पर 2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का समर्थन किया था। हालांकि, प्रस्तावित नई योजना के नाम, बजट और पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी इंटरव्यू में सामने नहीं आई।
9.5 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी देने का दावा
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से अब तक प्रदेश में 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने पिछली सपा सरकारों से तुलना करते हुए दावा किया कि उनकी सरकार में दोगुने से अधिक सरकारी रोजगार दिए गए।
योगी ने बताया कि करीब 32 हजार पुलिस कांस्टेबल, 42 हजार होमगार्ड और लगभग 25 हजार अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने नवंबर-दिसंबर में नई नियुक्तियों के नियुक्ति पत्र वितरित करने का प्रयास किए जाने की बात कही।

बुलडोजर कार्रवाई को बताया माफिया के खिलाफ त्वरित कदम
बुलडोजर कार्रवाई पर सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न्याय का कोई नया फॉर्मूला नहीं, बल्कि माफिया और अवैध कब्जों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का तरीका है। उन्होंने दावा किया कि गरीबों, व्यापारियों और सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई कर रही है।
योगी के मुताबिक, कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले माफिया को यह संदेश देना जरूरी है कि प्रदेश में कानून का शासन चलेगा। यह मुख्यमंत्री का अपनी सरकार की कार्रवाई के पक्ष में दिया गया तर्क है।
70 लाख से अधिक दीपों से अयोध्या जगमगाने का जिक्र
दीपोत्सव का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि अयोध्या में पहले दीपोत्सव के दौरान करीब 25 हजार दीप जलाए गए थे, जबकि इस बार पूरे नगर में 70 लाख से अधिक और राम की पैड़ी पर 36 लाख दीप प्रज्वलित हुए। उन्होंने इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव और स्थानीय कुम्हारों को मिले रोजगार से जोड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की तरह मथुरा-वृंदावन में भी विकास और बदलाव दिखाई देगा। उनके मुताबिक, धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।
'प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही मेरा परिवार'
अपनी बहन के चाय की दुकान चलाने से जुड़े सवाल पर योगी ने कहा कि वह संन्यासी हैं और उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता ही उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन किसी के सामने हाथ नहीं फैलातीं, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपने पैरों पर खड़ी हैं।
मुख्यमंत्री ने वनटांगिया समुदाय के लोगों के बीच दीपावली मनाने की परंपरा का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन परिवारों को मताधिकार और राजस्व गांव की मान्यता दिलाई। योगी के अनुसार, त्योहार की खुशियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही शासन का उद्देश्य होना चाहिए।
2027 से पहले योगी के इंटरव्यू से निकले चुनावी संकेत
मुख्यमंत्री के इस साक्षात्कार में धार्मिक विरासत, कानून-व्यवस्था, महिला सशक्तीकरण, रोजगार, विकास और विपक्ष पर हमले जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। एक तरफ उन्होंने तीसरी बार भाजपा सरकार बनने का विश्वास जताया, वहीं दूसरी तरफ मतदाता सूची, अयोध्या और विपक्षी दलों को लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की।
अब देखना होगा कि भाजपा इन मुद्दों को 2027 के विधानसभा चुनाव में किस तरह जनता के बीच लेकर जाती है और विपक्ष इन आरोपों तथा दावों का क्या जवाब देता है।
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