क्या सपा में फिर शुरू होगा बवाल? लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश के हाथ, शिवपाल को हटाए जाने पर BJP का तंज

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में एक बार फिर पुराने पारिवारिक विवाद की चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश यादव के हाथ आने और शिवपाल यादव को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सपा पर निशाना साधा है। भाजपा ने इस घटनाक्रम को परिवारवाद से जोड़ते हुए कहा कि इससे करीब एक दशक पहले विधानसभा चुनाव से पहले सपा में सामने आए अंदरूनी संघर्ष की यादें ताजा हो गई हैं।
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी में फिर से बवाल शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि लोहिया जैसे समाजवादी विचारक कभी परिवारवाद की राजनीति के समर्थक नहीं रहे, लेकिन उनके नाम पर बनाए गए ट्रस्ट को परिवार का अड्डा बना दिया गया है।
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया कभी परिवारवादी नहीं रहे, लेकिन उनके नाम पर बने ट्रस्ट में परिवार के सदस्यों के बीच नेतृत्व को लेकर बदलाव होना उनके विचारों का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोहिया के नाम पर बने ट्रस्ट को राजनीतिक परिवार के प्रभाव का केंद्र बना दिया गया है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि “भतीजे ने चाचा को हटाकर फिर कमान अपने हाथ में ले ली।” उनके मुताबिक, यह घटनाक्रम समाजवादी पार्टी के भीतर रिश्तों और नेतृत्व को लेकर पुराने विवाद की याद दिलाता है।
उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में हुए अंदरूनी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पार्टी में अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच खुलकर टकराव सामने आया था। राकेश त्रिपाठी के मुताबिक, लोहिया ट्रस्ट में मौजूदा बदलाव से उस दौर की राजनीतिक घटनाओं की यादें फिर ताजा हो गई हैं।
भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को सपा की परिवारवादी राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाया है कि जिस समाजवादी विचारधारा की राजनीति का पार्टी दावा करती है, उसमें संस्थाओं की कमान भी परिवार के भीतर ही क्यों केंद्रित होती जा रही है।
लेखक के बारे में
Santosh Kumar Singh
श्री सिंह ‘विजुअल लाइव’ मासिक पत्रिका एवं न्यूज पोर्टल के संपादक के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्ष 2004 से उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी सेवाएं देते हुए पत्रकारिता का लंबा अनुभव अर्जित किया है। लखनऊ से प्रकाशित हिन्दी दैनिक राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, राष्ट्रीय स्वरूप और भारत प्रतिदिन सहित विभिन्न मीडिया संस्थानों के लिए उन्होंने रिपोर्टिंग की है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लखनऊ आगमन से लेकर राजनीति, प्रशासन, जनसरोकार और शहर की महत्वपूर्ण घटनाओं की रिपोर्टिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। श्री सिंह की विशेष रुचि खोजी पत्रकारिता और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी इस्तेमाल में है। इंटरनेट आधारित शोध, सूचना के स्रोतों की पड़ताल और खबर की बारीकियों तक पहुंचने की उनकी कार्यशैली उन्हें अलग पहचान देती है। बदलते मीडिया परिदृश्य में वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं। पत्रकारिता के साथ उन्हें संगीत और यात्रा में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए जिज्ञासा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और तथ्यों के प्रति ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। Santosh Kumar Singh की सभी खबरें देखें →
संबंधित लेख

25 अक्टूबर से बैरिया विधानसभा क्षेत्र में निकलेगी जन आशीर्वाद पदयात्रा, जयप्रकाश नगर से होगा शुभारंभ

जेल से आजम खान का सियासी संदेश! अखिलेश यादव के सामने रखे संभावित उम्मीदवारों के नाम

यूपी चुनाव 2027 से पहले भाजपा में बदलाव की अटकलें तेज, 50-55 मौजूदा विधायकों के टिकट कटने की चर्चा

यूपी में 4 जनवरी 2027 तक अधिकारियों के तबादलों पर रोक
टॉप रीड्स

वाराणसी में एयर शो से पहले बड़ी कार्रवाई, कबूतरों की जालियों के साथ दो बंदूकें बरामद

दूसरे राज्यों से आने वाले रक्त की भी होगी गुणवत्ता जांच, यूपीएफएसडीए ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

शहीदों के प्रति राष्ट्र का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता: सीएम योगी

कला हमारी संस्कृति का दर्पण, इसमें अतीत की स्मृतियां और भविष्य की आकांक्षाएं झलकती हैं: राष्ट्रपति

सौर ऊर्जा से बढ़ेगी किसानों की कमाई, खेती की लागत घटाने में मददगार होगी एग्री-वोल्टेइक तकनीक

बाइक रैली और डाक चौपाल के जरिए ग्रामीणों को योजनाओं की दी जानकारी

सरकार और जनता के बीच पारदर्शी संवाद से अफवाहों और गलतफहमियों पर लगेगी रोक: विशाल सिंह




Leave a Comment
Don't worry! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).