नहर में अवरोध से 130 एकड़ धान की फसल जलमग्न, छह गांवों के किसान परेशान

खेतों में चार से छह इंच तक भरा पानी, धान की कटाई और सरसों की बोआई पर संकट
बलिया। नगरा ब्लाक क्षेत्र में दोहरीघाट पंप कैनाल की नहर में अवरोध के चलते सैकड़ों किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नहर का पानी खेतों में भरने से करीब 130 एकड़ में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई है। इससे धान की कटाई पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, समय पर सरसों की बोआई नहीं होने और गेहूं की खेती प्रभावित होने की आशंका से किसान चिंतित हैं।
किसानों का आरोप है कि मछली पकड़ने के लिए नहर में जाल, बांस और लकड़ियां डालकर पानी की निकासी बाधित की जा रही है। इसके चलते कुलाबों के माध्यम से पानी खेतों में भर रहा है। किसानों के अनुसार, अब्दुलपुर मदारी पुलिया से करीब 50 मीटर आगे नहर में अवरोध किया गया है।
इस समस्या से भगवानपुर, सिहोरिडीह, दिलमनमधुकीपुर, अब्बासपुर, दहिरपट्टी और अब्दुलपुर मदारी सहित आसपास के गांवों के किसान प्रभावित हैं। खेतों में चार से छह इंच तक पानी जमा होने के कारण कंबाइन मशीन से धान की कटाई संभव नहीं हो पा रही है। वहीं, मजदूरों से कटाई कराना भी मुश्किल हो गया है।
किसानों का कहना है कि हर साल इस समय तक मोटे धान की कटाई शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार जलभराव के कारण फसल खेतों में खड़ी है। धान की कटाई में देरी होने से सरसों की बोआई भी प्रभावित हो रही है। खेतों में नमी और पानी जमा रहने से आगामी गेहूं की खेती पर भी संकट मंडराने लगा है।
प्रभावित किसान बृजेश कुमार सिंह, जुगनू सिंह, उदय सिंह और अभय चौहान ने बताया कि समस्या का समाधान नहीं होने से किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खेतों में पानी जमा रहने के कारण धान की कटाई नहीं हो पा रही है और अगली फसल की बोआई में भी देरी होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि यदि नहर में डाले गए जाल और अन्य अवरोधों को हटवा दिया जाए तो खेतों से पानी निकल सकता है। इससे धान की कटाई के साथ अगली फसल की तैयारी भी शुरू हो सकेगी।
लेखक के बारे में
शैलेन्द्र कुमार सिंह
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