डुमरियागंज को श्मशान-कब्रिस्तान की नफरती राजनीति नहीं, बच्चों के लिए अच्छे स्कूल और अस्पताल चाहिए: संजय सिंह

डुमरियागंज में आप की 'सत्ता परिवर्तन जन-आक्रोश रैली' संपन्न; सांसद संजय सिंह ने वोट चोरी, बेरोजगारी व स्कूल बंदी पर योगी-मोदी सरकार को घेरा
सिद्धार्थनगर। विश्वस्तरीय शिक्षा, मुफ़्त स्वास्थ्य, बिजली, पानी और जनहित की राजनीति को लेकर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश में लगातार जनांदोलन को धार दे रही है। इसी क्रम में शनिवार को जनपद सिद्धार्थनगर की डुमरियागंज विधानसभा के मोतीगंज चौराहा पर आम आदमी पार्टी द्वारा विशाल 'सत्ता परिवर्तन जन-आक्रोश रैली' का आयोजन किया गया। रैली में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह की उपस्थिति तथा बौद्ध प्रांत अध्यक्ष इंजी. इमरान लतीफ के नेतृत्व में उमड़े विशाल जनसमूह ने बुनियादी हक़ और बदलाव का शंखनाद किया। जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद संजय सिंह ने प्रदेश में मतदाता सूची से लाखों नाम जोड़े जाने की साजिश, अग्निवीर योजना, युवाओं से छलावा, बंद होते सरकारी स्कूलों और नफरत की राजनीति को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
जय शाह को मलाईदार पद और युवाओं को गोबर-गोमूत्र की नसीहत, यह स्वाभिमानियों को बर्दाश्त नहीं: संजय सिंह
सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार के 10 वर्षों के झूठे वादों का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने, किसानों की आय दोगुनी करने, 2022 तक पक्का मकान और हर खाते में 15 लाख रुपये भेजने का वादा किया था, जो पूरी तरह जुमला साबित हुआ। उन्होंने कहा कि एक तरफ गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह को क्रिकेट का बल्ला तक पकड़ना नहीं आता, फिर भी उन्हें बीसीसीआई का मुखिया बना दिया जाता है; वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के नौजवान जब रोजगार मांगते हैं, तो प्रधानमंत्री उन्हें गोबर और गोमूत्र से रोजगार तलाशने की सीख देते हैं। यह अपमान प्रदेश का कोई भी स्वाभिमानी युवा बर्दाश्त नहीं करेगा।

अग्निवीर संविदा नौकरी युवाओं से धोखा, पहले अपने बेटों को सीमा पर भेजें भाजपाई: संजय सिंह
सांसद संजय सिंह ने सेना भर्ती की अग्निवीर योजना को लेकर भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि यूपी की माताएं अपने कलेजे के टुकड़ों को देश सेवा और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ सेना में भेजती रही हैं, लेकिन मोदी सरकार ने नियमित सेना भर्ती को खत्म कर 4 साल की संविदा नौकरी में तब्दील कर दिया। इसमें न कोई पेंशन है और न ही भविष्य की सुरक्षा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा को यह योजना इतनी ही पसंद है, तो वे सबसे पहले अपने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के बेटों को अग्निवीर बनाकर सीमा पर भेजें।
सरकारी स्कूल बंद कर मधुशालाएं खोल रही सरकार, जनता को अशिक्षित रखने की साजिश: संजय सिंह
शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि शिक्षा ही अधिकारों के लिए लड़ने का सबसे बड़ा हथियार है। इसी से डरकर योगी सरकार हजारों प्राथमिक व सरकारी स्कूलों को बंद कर रही है और दूसरी तरफ गली-गली शराब की दुकानें (मधुशालाएं) खोली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि गरीब की संतान अशिक्षित रहे ताकि वह अपने हक़ का सवाल न पूछ सके। इसके विपरीत दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार ने सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय बनाया, मोहल्ला क्लीनिक दिए, मुफ़्त बिजली-पानी और महिलाओं को मुफ़्त बस सफर की सुविधा देने के बावजूद मुनाफ़े का बजट पेश करके दिखाया।

डुमरियागंज को श्मशान-कब्रिस्तान नहीं, अच्छे स्कूल-अस्पताल चाहिए; नफरत से तरक्की नहीं होती: संजय सिंह
सांसद संजय सिंह ने स्थानीय स्तर पर नफरत और वैमनस्य फैलाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आते ही भाजपा श्मशान और कब्रिस्तान की राजनीति शुरू कर देती है, जबकि जनता को अपने बच्चों के लिए बेहतर स्कूल, कॉलेज और अस्पताल चाहिए। उन्होंने कहा कि देश आपसी भाईचारे से आगे बढ़ता है, नफरत से नहीं। भाजपा की कथनी और करनी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग देश में अल्पसंख्यकों के आर्थिक बहिष्कार की बात करते हैं, वे खुद अरब देशों से आने वाले कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल और गैस पर निर्भर हैं। उन्होंने प्रभु श्री राम मंदिर निर्माण में जमीन खरीद के नाम पर हुए कथित घोटालों और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया।
घुसपैठियों के नाम पर आडवाणी व पूर्व सेनाध्यक्ष को नोटिस, UP में अल्पसंख्यकों के वोट काटे: संजय सिंह
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश भर में मतदाता सूचियों से करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 'विदेशी घुसपैठियों' को हटाने के नाम पर शुरू की गई इस प्रक्रिया की विसंगति का आलम यह है कि देश के पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, कई मुख्यमंत्रियों के परिजनों, वरिष्ठ वकीलों, चुनाव आयोग के अधिकारियों और यहाँ तक कि पूर्व सेनाध्यक्ष तक को नोटिस थमाए जाने के मामले सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में भी स्थिति चिंताजनक रही, जहाँ चुनावों से ठीक पहले लाखों नए नाम जोड़े गए, जबकि हज़ारों वैध मतदाताओं—विशेषकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों—के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए। जानकारों का मानना है कि यह लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को सीधे तौर पर प्रभावित करने की एक सोची-समझी कोशिश है। चुनावी शुचिता बनाए रखने और इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए अब प्रत्येक जागरूक नागरिक को आगे आना होगा और अपने-अपने बूथ व गाँव की वोटर लिस्ट की बारीकी से जाँच करनी होगी।

जनता के हक़ में लाठी और जेल झेलने वाले इंजी. इमरान लतीफ को चुनकर विधानसभा भेजें: संजय सिंह
संजय सिंह ने क्षेत्रीय जनता से अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में उन लोगों की जमानत जब्त कराएं जिन्होंने विकास के नाम पर सिर्फ उपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि बौद्ध प्रांत अध्यक्ष इंजी. इमरान लतीफ जैसे जुझारू और शिक्षित नेता जनता के हक़ के लिए लाठियां खा सकते हैं, मुकदमे झेल सकते हैं और जेल जा सकते हैं। डुमरियागंज की तरक्की के लिए ऐसे कर्मठ नेता को भारी मतों से जिताकर विधानसभा पहुंचाना जनता की जिम्मेदारी है।
इस विशाल जनसभा में पार्टी के ज़िला अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान जलाल चौधरी, ज़िला महासचिव प्रदीप पांडे, विधानसभा अध्यक्ष कौशल्या यादव, विधानसभा महासचिव दुर्गेश चौधरी, ज़िला उपाध्यक्ष शरद श्रीवास्तव, ब्लॉक अध्यक्ष नोमान उस्मानी, सोहन आर्य, सुशील त्रिपाठी, रामकरण गौड़, अब्बास काज़मी, यूथ विंग विधानसभा अध्यक्ष राबी रिज़वी, विधानसभा अध्यक्ष मुख़्तार काज़ी, ज़िला सचिव इमरान ख़ान, सोशल मीडिया प्रभारी अब्दुल रहमान ख़ान, उमेश चंद वरुण, मौलाना अतीकुर रहमान, अब्दुल क़ादिर, गणेशी यादव, मौलाना हाजीउल्लाह, प्रांत महासचिव रजत चौरसिया, अनुज पाठक, अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष मनोज मिश्रा, पंचायत प्रकोष्ठ अध्यक्ष विनय जाटव, अभिषेक सिंह, कुलदीप जायसवाल, राम सुभाष वर्मा, अज्जू पंडित, संजय चौधरी सहित हजारों की संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम जनता उपस्थित रही।
लेखक के बारे में
Syed Fiza Khatoon
सैयद फ़िज़ा खातून ‘विजुअल लाइव’ की तकनीकी एवं डिजिटल टीम की महत्वपूर्ण सदस्य हैं। वर्ष 2014 में स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद से उन्होंने मीडिया के तकनीकी और डिजिटल कार्यों में अपनी दक्षता विकसित की है। न्यूज के लेआउट और प्रस्तुतीकरण, कंटेंट के डिजिटल प्रसारण तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खबरों के अपडेट में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। खबर को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने से लेकर उसके डिजिटल वितरण तक वह जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करती हैं। सौम्य और मिलनसार स्वभाव के साथ नई तकनीकों और बदलते डिजिटल मीडिया को सीखने की निरंतर ललक उनकी कार्यशैली की खास पहचान है। टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और हर कार्य में कुछ नया सीखना उनकी पेशेवर सोच को दर्शाता है। डिजिटल पत्रकारिता के तेजी से बदलते दौर में तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच के साथ सटीक, आकर्षक और प्रभावी न्यूज प्रस्तुतीकरण* में उनका योगदान ‘विजुअल लाइव’ की डिजिटल टीम को मजबूती प्रदान करता है। Syed Fiza Khatoon की सभी खबरें देखें →
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