वीबी-जी राम जी के तहत 375 तरह के कार्यों को मंजूरी

नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [वीबी-जी राम जी] अधिनियम, 2025 के तहत स्वीकार्य कार्यों की नई अनुसूची अधिसूचित कर दी है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 375 तरह के कार्य शामिल किए गए हैं।
नई अनुसूची में पिछले ढांचे के 266 कार्यों की तुलना में 41 प्रतिशत का विस्तार किया गया है। इन कार्यों को चार प्रमुख क्षेत्रों—जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका से संबंधित बुनियादी ढांचा और आपदा तैयारी—के तहत व्यवस्थित किया गया है।
जल सुरक्षा के लिए 128 कार्य
नई सूची में सबसे अधिक 128 कार्य जल सुरक्षा से जुड़े हैं। इनमें चेक डैम, गली प्लग, भूमिगत बांध, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन कुएं, नदियों और नालों का पुनरुद्धार, जलभराव वाली भूमि का सुधार तथा खेतों में जल वितरण चैनलों का जीर्णोद्धार शामिल है।
इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, फव्वारा सिंचाई, छतों पर वर्षा जल संचयन, टांकों के निर्माण तथा बर्फ-स्तूप और कृत्रिम हिमनद जैसे जल संरक्षण उपायों को भी जगह दी गई है।

ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 111 कार्य
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा श्रेणी में 111 कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें सौर स्ट्रीट लाइट, अपशिष्ट से संपदा रीसाइक्लिंग प्लांट, ग्रे-वॉटर ट्रीटमेंट यूनिट, कचरा पृथक्करण शेड, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर शामिल हैं।
इसके साथ ही बहुउद्देशीय युवा केंद्र, सामुदायिक सुविधाएं, सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं और प्रयोगशालाएं, ग्रामीण पार्क तथा पैदल पथ जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
आजीविका से जुड़े 98 कार्य
ग्रामीण आजीविका और मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के लिए 98 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें कृषि प्रसंस्करण, ग्रेडिंग और पैकेजिंग इकाइयां, कोल्ड स्टोरेज, मिनी आटा मिल, कृषि बाजार परिसर, डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर, मशरूम उत्पादन शेड, रेशम उत्पादन शेड, पॉलीहाउस और जलीय कृषि से जुड़ी संरचनाएं शामिल हैं।
स्वयं सहायता समूहों (SHG) और उनके संघों के लिए कार्यशालाएं, शी मार्ट, संघ भवन तथा प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्रों का भी प्रावधान किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, आजीविका से जुड़े कार्यों की हिस्सेदारी अब कुल स्वीकार्य कार्यों की 26 प्रतिशत है, जबकि पिछले ढांचे में यह हिस्सेदारी करीब 1.1 प्रतिशत थी।
पहली बार आपदा तैयारी के लिए अलग श्रेणी
नई अनुसूची में पहली बार आपदा तैयारी और चरम मौसम की घटनाओं के लिए अलग श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत 38 कार्य शामिल किए गए हैं।
इनमें बाढ़ राहत आश्रय स्थल, सुरक्षा दीवार, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण, बाढ़ सुरक्षा कार्य, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन तथा जंगल की आग से बचाव के लिए फायर लाइन और ईंधन-बफर क्षेत्र शामिल हैं।
इसका उद्देश्य बाढ़, चक्रवात, सूखा, भूस्खलन, जंगल की आग और अन्य चरम मौसम की घटनाओं से ग्रामीण समुदायों और उनकी परिसंपत्तियों को अधिक सुरक्षित बनाना है।
किसानों और कमजोर परिवारों पर विशेष जोर
नई अनुसूची में किसानों, कमजोर परिवारों, महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। कुल 181 कार्य कृषि और संबद्ध गतिविधियों से जुड़े हैं, जिनमें 52 व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य शामिल हैं।
वहीं, अंत्योदय और कमजोर परिवारों के लिए 107 कार्य निर्धारित किए गए हैं। इनमें आवास, स्वच्छता, ऊर्जा, सिंचाई, वृक्षारोपण और पशुधन आश्रय जैसी परिवार-केंद्रित परिसंपत्तियां शामिल हैं।
महिलाओं से संबंधित 36 कार्य और युवाओं से संबंधित 36 कार्य भी नई सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों, युवा केंद्रों, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
ग्राम सभा की मंजूरी से तैयार होगी कार्ययोजना
वीबी-जी राम जी के तहत कार्यों की योजना विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के आधार पर तैयार की जाएगी। इसके बाद इन्हें ग्राम सभा से मंजूरी मिलेगी।
डिजिटल निगरानी के लिए ‘विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा स्टैक’ का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे केंद्र, राज्य और स्थानीय योजनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने तथा एक ही तरह के कार्यों के दोहराव से बचने में मदद मिलेगी।
नई अनुसूची का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को टिकाऊ परिसंपत्तियों, जल सुरक्षा, आजीविका, जलवायु अनुकूलन और समावेशी विकास से जोड़ना है। सरकार के अनुसार, इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।
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