वाराणसी में साइबर अपराध पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 58 गैंग का पर्दाफाश और 277 गिरफ्तार

वाराणसी । साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों के बीच वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की रणनीति तैयार की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सोमवार को कैंप कार्यालय में आयोजित साइबर क्राइम समीक्षा गोष्ठी में अधिकारियों को तकनीकी संसाधनों, साइबर इंटेलिजेंस और त्वरित कार्रवाई के जरिए साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि बदलते साइबर अपराध के स्वरूप के अनुरूप पुलिसिंग में भी समयानुकूल बदलाव जरूरी है। उन्होंने साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों, दर्ज मामलों, लंबित प्रकरणों और अपराधियों के खिलाफ हुई कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा।
हर 15 दिन में होगी साइबर मामलों की समीक्षा
बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी जोन के साइबर प्रभारी हर 15 दिन में साइबर अपराध से संबंधित मामलों की समीक्षा कर प्रगति से अवगत कराएंगे। शिकायतों के परीक्षण, पंजीकरण और लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई के साथ पारदर्शिता एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया गया।

पुलिस को खास तौर पर म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी सिम, फर्जी कॉल सेंटर और साइबर ठगी की रकम निकालने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। एटीएम के माध्यम से ठगी की रकम निकालने वालों को भी चिन्हित कर विधिक कार्रवाई करने को कहा गया।
एक साल में 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश
वाराणसी पुलिस के अनुसार, पिछले एक वर्ष में साइबर क्राइम पुलिस ने संगठित साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश किया और 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया।
डिजिटल अरेस्ट के 5 मामलों में 36 गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक डिजिटल अरेस्ट से जुड़े 5 मामलों में 36 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से संबंधित मामलों में करीब 1.20 करोड़ रुपये की धनराशि, मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
15 अवैध कॉल सेंटरों पर कार्रवाई, 175 गिरफ्तार
साइबर अपराध के संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पिछले एक वर्ष में 15 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए 175 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इन नेटवर्क में निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी और नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी से जुड़े मामले शामिल थे।

16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण
साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस के अनुसार पिछले एक वर्ष में 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
25 करोड़ रुपये होल्ड, 4.5 करोड़ की रिकवरी
साइबर ठगी के मामलों में त्वरित वित्तीय कार्रवाई के तहत पुलिस के अनुसार 25 करोड़ रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई। आवश्यक प्रक्रिया के बाद करीब 4.5 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए।
10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 IMEI ब्लॉक
साइबर अपराध में इस्तेमाल संसाधनों पर कार्रवाई करते हुए 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए। पुलिस का कहना है कि इससे संदिग्ध मोबाइल संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिली।

21 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट
संगठित साइबर अपराध के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के तहत गिरफ्तार आरोपियों में से 21 के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
इसके अलावा पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों के झांसे में आए 550 लोगों को रेस्क्यू कराया गया और साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए 17 चार पहिया वाहन बरामद किए गए।
25 हजार से ज्यादा लोगों को किया जागरूक
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस ने स्कूलों, शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख चौराहों पर जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस के अनुसार इस अभियान के जरिए 25,000 से अधिक लोगों को साइबर ठगी के तरीकों, बचाव के उपायों और साइबर हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों को साइबर शिकायतों के त्वरित निस्तारण, पीड़ितों को तत्काल सहायता, ठगी की रकम को समय रहते होल्ड कराने और साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
बैठक में पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू, पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार पाण्डेय, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र, सभी जोन के साइबर प्रभारी तथा थानों के साइबर नोडल अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
Ashutosh Kumar Sharma
मूल रूप से वाराणसी, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आशुतोष कुमार शर्मा पेशे से स्कूल प्रधानाचार्य हैं। पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े श्री शर्मा की डिजिटल मीडिया, नई तकनीकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स में विशेष रुचि है। उनका मानना है कि तकनीक और मीडिया का समन्वय ही भविष्य की पत्रकारिता की दिशा तय करेगा। मीडिया को समाज का चौथा स्तंभ मानते हुए वे सच्चाई, तथ्यपरकता और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। Ashutosh Kumar Sharma की सभी खबरें देखें →
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